कमिश्नरेट Police Commissionerate Jalandhar ने साल 2025 में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और अनुशासित ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए एक सख्त ट्रैफिक एनफोर्समेंट अभियान चलाया। इस अभियान के तहत 1 जनवरी से 30 दिसंबर 2025 के बीच ट्रैफिक पुलिस और PCR से जुड़ी ERS टीमों ने करीब 92,000 चालान काटे। इन चालानों से पंजाब सरकार को लगभग 6 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश
यह अभियान पुलिस कमिश्नर Dhanpreet Kaur Randhawa के निर्देशों पर चलाया गया। ट्रैफिक मामलों की निगरानी कर रहे Gurbaz Singh (A.D.C.P. ट्रैफिक) ने स्पष्ट किया कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सड़क पर लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कोहरे और ठंड में विशेष चेकिंग
सर्दी और कोहरे के मौसम को देखते हुए पुलिस ने दिन और रात दोनों समय ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इसका उद्देश्य हादसों को रोकना और लोगों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पुलिस के अनुसार, शराब पीकर वाहन चलाने से होने वाले हादसों में कमी लाने के लिए यह कदम बेहद जरूरी था।
7,500 वाहन किए गए इंपाउंड
साल 2025 में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने पर करीब 7,500 वाहन इंपाउंड किए गए। इनमें 1,107 ई-रिक्शा और ऑटो शामिल हैं, जिन्हें बिना वैध दस्तावेजों के सड़कों पर चलने के कारण रोका गया। पुलिस ने साफ किया कि बिना कागजात और नियमों के वाहन चलाने वालों पर आगे भी सख्ती जारी रहेगी।
2025 में किन उल्लंघनों पर कितने चालान
पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में किए गए प्रमुख चालान इस प्रकार हैं—
- गलत पार्किंग: 20,455
- बिना हेलमेट: 16,402
- रेड लाइट जंपिंग: 8,119
- बिना ड्राइविंग लाइसेंस: 4,105
- गलत साइड ड्राइविंग: 4,109
- ओवर स्पीडिंग: 3,404
- शराब पीकर वाहन चलाना: 978
- बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट: 2,985
- पुलिस के निर्देश न मानना / बदतमीज़ी: 7,656
पुलिस की नागरिकों से अपील
A.D.C.P. ट्रैफिक गुरबाज सिंह ने खास तौर पर माता-पिता से अपील की कि वे नाबालिग बच्चों को वाहन न सौंपें। उन्होंने कहा कि एक छोटी सी लापरवाही बड़ा और जानलेवा हादसा बन सकती है।
जागरूकता से ही सुरक्षित सड़कें
पुलिस का कहना है कि ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सिर्फ चालान नहीं, बल्कि लोगों की जागरूकता भी जरूरी है। अब यह शहरवासियों पर निर्भर करता है कि वे नियमों का पालन कर पुलिस का सहयोग करते हैं या नहीं। नियमों का पालन ही सुरक्षित और सुचारू ट्रैफिक की कुंजी है।
