हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद बाजार ऊंचे स्तर पर बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 328.72 अंक यानी 0.40% चढ़कर 82,500.82 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 103.55 अंक यानी 0.41% बढ़कर 25,285.35 पर बंद हुआ।
बाजार में तेजी, अधिकांश शेयरों में बढ़त
आज के कारोबार में सेंसेक्स के 22 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 8 शेयरों में गिरावट देखी गई।
कुल मिलाकर बाजार में सकारात्मक रुझान रहा — 1,905 शेयर हरे निशान में रहे, जबकि 1,177 शेयर लाल निशान में बंद हुए। 92 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
आईटी सेक्टर में सुस्ती, TCS के अच्छे नतीजों के बावजूद कमजोरी
आईटी दिग्गज TCS के बेहतर तिमाही नतीजों के बावजूद, आईटी सेक्टर में आज कोई खास उत्साह नहीं देखा गया। आईटी इंडेक्स लगभग सपाट रहा। टेक महिंद्रा, परसिस्टेंट सिस्टम्स और TCS में मामूली बिकवाली दर्ज की गई।
विश्लेषकों के मुताबिक, अच्छे मुनाफे और मार्जिन के बावजूद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिसके चलते शेयरों में गिरावट आई।
धातु, ऑटो और फार्मा में गिरावट
निफ्टी मेटल इंडेक्स आज का सबसे कमजोर सेक्टर रहा, जिसमें 1.4% की गिरावट आई। इसके अलावा ऑटो, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टरों में भी 0.1% से 0.8% तक की गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि, बैंकिंग, एफएमसीजी, आईटी, एनर्जी, रियल्टी, ऑयल एंड गैस और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टरों ने मामूली बढ़त के साथ कारोबार किया।
इन शेयरों ने दिखाई चमक
सेंसेक्स पैक में पावर ग्रिड, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), एनटीपीसी, अडानी पोर्ट्स और एशियन पेंट्स सबसे ज्यादा लाभ में रहे।
वहीं टाटा स्टील, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) और एचसीएल टेक जैसे शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
वैश्विक संकेतों से मिला सहारा
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा समय में बाजार की भावना सावधानीपूर्ण लेकिन आशावादी है।
विश्लेषकों ने कहा, “गाजा शांति समझौता वैश्विक तनाव कम करने का संकेत है, जिससे भू-राजनीतिक जोखिमों में कमी आई है।”
साथ ही अमेरिका और भारत के बीच संभावित व्यापार समझौते की खबरों ने भी निवेशकों में भरोसा बढ़ाया है।
FII की वापसी से बाजार को मजबूती
पिछले तीन कारोबारी सत्रों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से नकद बाजार में लगातार खरीदारी हुई है।
विश्लेषकों का कहना है कि यह ट्रेंड भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए सकारात्मक संकेत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार को मजबूत घरेलू आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक राहत संकेतों से सपोर्ट मिल रहा है।
हालांकि, कुछ अस्थिरता और बाहरी आर्थिक दबावों के चलते बाजार की तेजी सीमित रह सकती है।
लेकिन एफआईआई की खरीदारी, घरेलू निवेशकों का भरोसा और बेहतर कॉर्पोरेट अर्निंग्स यह दर्शाती हैं कि आने वाले हफ्तों में भारतीय बाजार नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
