झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया। कई दिनों से धरने पर बैठे छात्र 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के लिए मार्च पर निकले। सुबह पुरानी विधानसभा के पास बड़ी संख्या में छात्र जुटे और वहां से नई विधानसभा की ओर पैदल मार्च शुरू किया।
बैरिकेडिंग के बावजूद आगे बढ़े छात्र
प्रदर्शन को देखते हुए विधानसभा के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई जगह बैरिकेड लगाए। रिपोर्ट के अनुसार, छात्रों ने शुरुआती बैरिकेड पार कर आगे बढ़ना शुरू कर दिया। प्रशासन की ओर से इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
CBI जांच को लेकर सरकार से नहीं बनी बात
छात्रों की मुख्य मांग JPSC और JSSC की वर्ष 2019 से 2026 तक की कथित विवादित परीक्षाओं की CBI जांच कराने की है। रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच करीब पांच घंटे तक बातचीत हुई, लेकिन CBI जांच के मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी। छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया।
सरकार ने कई मांगें मानने का दावा किया
राज्य सरकार का कहना है कि छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं। इनमें 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और ACF परीक्षा को रद्द करना, TDPL एजेंसी से जुड़ी परीक्षाओं की जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति बनाने जैसी बातें शामिल हैं। हालांकि, छात्र CBI जांच की मांग पर अब भी अड़े हुए हैं।
अनशन कर रहे देवेंद्र महतो भी मार्च में शामिल
आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल देवेंद्र महतो पिछले कई दिनों से अनशन पर हैं। उनकी तबीयत कमजोर होने के बावजूद उन्हें छात्रों ने स्ट्रेचर और एंबुलेंस के जरिए मार्च में शामिल कराया। इसी बीच बीजेपी नेताओं ने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और कुछ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
