मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच 22 अप्रैल 2026 को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। ईरान की सेना से जुड़ी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ओमान के पास हॉरमुज़ स्ट्रेट में एक कंटेनर जहाज पर फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि जहाज को नुकसान पहुंचा, हालांकि इसमें सवार लोगों को कोई चोट नहीं आई।
ईरान का दावा है कि जहाज ने कई बार चेतावनी के बावजूद निर्देशों का पालन नहीं किया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
हॉरमुज़ स्ट्रेट क्यों है इतना अहम?
हॉरमुज़ स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस इलाके में किसी भी तरह का सैन्य तनाव सीधे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल कीमतों को प्रभावित करता है।
इस घटना के बाद वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है क्योंकि यहां से रोजाना लाखों बैरल तेल की सप्लाई होती है।
सीज़फायर के बावजूद बढ़ता तनाव
हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को कम करने के लिए सीज़फायर बढ़ाया गया था, लेकिन ईरान ने इसे पूरी तरह स्वीकार नहीं किया। ऐसे में यह हमला दोनों देशों के बीच अविश्वास और तनाव को और बढ़ाता दिख रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका की ओर से ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी है, जिसे ईरान उकसावे वाली कार्रवाई मानता है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी ईरान ने इस क्षेत्र में जहाजों पर हमला किया है। कुछ दिन पहले ही ओमान के पास टैंकर और अन्य जहाजों पर फायरिंग की घटनाएं सामने आई थीं, जिससे समुद्री यातायात पर असर पड़ा।
इन घटनाओं के चलते कई जहाजों को रास्ता बदलना पड़ा और कुछ को रोक दिया गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन प्रभावित हुई।
वैश्विक असर और चिंता
इस पूरे घटनाक्रम का असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, शिपिंग में देरी और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता देखने को मिल रही है।
संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने इस स्थिति पर चिंता जताई है और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बातचीत की कोशिशें जारी हैं।
