अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गाजा में युद्धबंदी की मांग के बाद इज़राइल और हमास के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। रविवार, 19 अक्टूबर 2025 को इज़राइली सेना ने गाजा में हवाई हमला किया। हालांकि, इज़राइल ने इस हमले के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
रफाह क्षेत्र में हवाई हमले की जानकारी
इज़राइल के चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार, IDF ने गाजा के रफाह क्षेत्र में हवाई हमला किया। यह हमला उस समय किया गया जब अमेरिका ने हमास पर गाजा पट्टी में फिलिस्तीनियों पर हमला करने और युद्धबंदी तोड़ने का आरोप लगाया। टाइम्स ऑफ इज़राइल की रिपोर्ट के अनुसार, यह हवाई हमला उन आतंकियों के हमलों के जवाब में किया गया, जिन्होंने रफाह क्षेत्र में इज़राइली सैनिकों पर गोलीबारी की थी।
आतंकियों ने की गोलीबारी
IDF के मुताबिक, शुक्रवार, 17 अक्टूबर को रफाह क्षेत्र में सुरंग से कई आतंकवादी बाहर निकले और इज़राइली सैनिकों पर हमला किया। इस हमले में किसी प्रकार का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
अमेरिका और इज़राइल की चेतावनी
अमेरिका ने खुफिया रिपोर्टों के हवाले से दावा किया कि हमास गाजा वासियों पर हमला करने और युद्धबंदी को तोड़ने की योजना बना रहा था। इज़राइली प्रधानमंत्री बेन्यामीन नेतन्याहू ने शनिवार, 19 अक्टूबर को चेतावनी दी कि गाजा में युद्ध तब तक खत्म नहीं होगा जब तक हमास पूरी तरह हथियारबंद नहीं होता।
रफाह क्रॉसिंग और बंधकों की रिहाई
नेतन्याहू ने कहा कि रफाह क्रॉसिंग तभी खोली जाएगी जब हमास सभी बंदकों को वापस भेंट करता है और समझौते की शर्तें पूरी करता है। 10 अक्टूबर के समझौते के अनुसार, हमास को 20 जीवित बंदकों को रिहा करना था और 28 मृतकों की लाशें IDF को सौंपनी थीं। हालांकि, हमास ने अब तक केवल 10 लाशें ही लौटाई हैं।
बढ़ते तनाव के बीच संभावित प्रभाव
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हमास और इज़राइल के बीच बातचीत या समझौता नहीं होता है, तो क्षेत्र में संघर्ष और बढ़ सकता है। नागरिकों की सुरक्षा, मानवीय सहायता और बंधकों की रिहाई इस समय सबसे बड़ी चिंता बन गई है।
