दुनिया के सबसे चर्चित प्रोफेशनल रेसलर्स में शामिल ब्रॉक लेसनर ने आधिकारिक तौर पर रेसलिंग और प्रतिस्पर्धी फाइटिंग से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। 49 वर्षीय लेसनर ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि अब उनका सफर खत्म हो चुका है और हाल ही में समरस्लैम में खेला गया मुकाबला उनके करियर का आखिरी मैच था। उन्होंने कहा कि यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन उन्हें महसूस हो गया था कि अब शरीर पहले जैसा साथ नहीं दे रहा।
रेसलमेनिया के बाद बदला मन
ब्रॉक लेसनर ने बताया कि रेसलमेनिया के दौरान ही उन्हें पहली बार लगा था कि अब करियर को विराम देने का समय आ गया है। उस मुकाबले में हार के बाद उन्होंने रिंग में अपने बूट और ग्लव्स उतार दिए थे। हालांकि, WWE के आग्रह और अपने भीतर बची आखिरी ऊर्जा के कारण उन्होंने एक अंतिम मुकाबला खेलने का फैसला किया। समरस्लैम के बाद उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अब वह दोबारा रिंग में वापसी नहीं करेंगे।
किसान परिवार से विश्व चैंपियन बनने तक का सफर
साउथ डकोटा के एक किसान परिवार में जन्मे ब्रॉक लेसनर का खेल सफर कॉलेज रेसलिंग से शुरू हुआ। उन्होंने मिनेसोटा विश्वविद्यालय की ओर से शानदार प्रदर्शन करते हुए कई राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां हासिल कीं। कॉलेज रेसलिंग में लगातार सफलता मिलने के बाद उन्होंने प्रोफेशनल रेसलिंग की दुनिया में कदम रखा और बहुत कम समय में अपनी अलग पहचान बना ली।
WWE में बना ‘द बीस्ट’ का दबदबा
साल 2002 में ब्रॉक लेसनर ने WWE में अपना पहला विश्व खिताब जीतकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अपने ताकतवर अंदाज और F-5 फिनिशिंग मूव की बदौलत वह जल्द ही कंपनी के सबसे बड़े सुपरस्टार बन गए। उन्होंने अपने करियर में 10 बार विश्व चैंपियनशिप जीती। दो रॉयल रंबल जीत, किंग ऑफ द रिंग का खिताब और मनी इन द बैंक जीत जैसी उपलब्धियों ने उन्हें WWE के सबसे सफल रेसलर्स में शामिल कर दिया।
अंडरटेकर की ऐतिहासिक जीत का सिलसिला भी तोड़ा
ब्रॉक लेसनर के करियर का सबसे चर्चित पल 2014 में आया, जब उन्होंने रेसलमेनिया में अंडरटेकर की लगातार जीत का ऐतिहासिक रिकॉर्ड समाप्त कर दिया। यह मुकाबला आज भी प्रोफेशनल रेसलिंग के सबसे यादगार मैचों में गिना जाता है और लेसनर के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।
WWE से बाहर भी बनाई अलग पहचान
रेसलिंग के अलावा ब्रॉक लेसनर ने अमेरिकी फुटबॉल और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में भी अपनी किस्मत आजमाई। NFL में जगह बनाने की कोशिश के बाद उन्होंने UFC का रुख किया और कुछ ही मुकाबलों में हेवीवेट चैंपियन बनने का कारनामा कर दिखाया। अलग-अलग खेलों में सफलता हासिल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में उनका नाम हमेशा खास माना जाएगा।
विदाई संदेश में युवाओं को दिया खास संदेश
अपने विदाई संदेश में ब्रॉक लेसनर ने कहा कि सफलता कभी भी आसानी से नहीं मिलती। उन्होंने युवाओं से मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य पर लगातार ध्यान बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर सिर्फ सफलता देखते हैं, लेकिन उसके पीछे वर्षों की मेहनत और संघर्ष छिपा होता है। यही सोच उनके पूरे खेल जीवन की सबसे बड़ी पहचान भी रही।
