पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ नेता निजी राजनीतिक हितों के लिए प्रदेश के विकास कार्यों में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे हथकंडों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धूरी विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 3.07 करोड़ रुपये के फंड बांटने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के लिए रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की मंजूरी मिल चुकी है और इसकी लागत राज्य सरकार खुद उठाएगी। लेकिन भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने दौरे के दौरान इस प्रोजेक्ट को लेकर बयानबाज़ी की, जिससे जनता को गुमराह किया गया। भगवंत मान ने कहा कि ऐसे ड्रामेबाज़ नेता लोगों को अब और नहीं बहका पाएंगे और जनता उन्हें जवाब देगी।
मुख्यमंत्री ने एलान किया कि आरओबी का निर्माण जल्द शुरू होगा और वे खुद इस मामले को केंद्रीय रेल मंत्री से उठाएंगे। इसके साथ ही धूरी में एक अत्याधुनिक खेल स्टेडियम भी बनाया जाएगा और संगरूर में मेडिकल कॉलेज का काम भी जल्द शुरू होने वाला है, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
युवाओं के लिए रोजगार और पढ़ाई के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब में 8 यूपीएससी कोचिंग सेंटर्स खोल रही है, जिनमें से एक धूरी में भी बनेगा। यहां छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लाइब्रेरी, होस्टल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में “युद्ध नशों विरुद्ध” अभियान से अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग नशा तस्करी में लिप्त अपराधियों को देखना चाहते हैं, वे नाभा जेल जाकर देख सकते हैं। उन्होंने दोहराया कि इस घिनौने अपराध में शामिल किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे युवाओं को रोजगार देना चाहते हैं ताकि वे नशे से दूर रहें। उन्होंने बताया कि अब तक 55,000 से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है और यह प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि खाली दिमाग शैतान का घर होता है, इसलिए युवाओं को व्यस्त और आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है।
भगवंत मान ने कहा कि पहले की सरकारों ने नशा माफिया को बढ़ावा दिया, लेकिन अब सख्ती से कार्रवाई हो रही है। नशा तस्करों की संपत्तियां जब्त कर उन्हें ध्वस्त किया जा रहा है।
साथ ही, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले समय में व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां लाई जाएंगी, जिससे राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि विधानसभा में “पंजाब प्रिवेंशन ऑफ क्राइम अगेंस्ट रिलिजियस स्क्रिप्चर्स बिल 2025” पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कड़ा कानून आने वाली पीढ़ियों के लिए धार्मिक सद्भावना बनाए रखने का मजबूत आधार बनेगा।
