बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही मंत्रिमंडल को लेकर हलचल तेज हो गई है। ताजा जानकारी के मुताबिक, नए मंत्रिमंडल की तस्वीर अब लगभग तय मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार कुल 31 मंत्री शपथ ले सकते हैं, जबकि 5 पद फिलहाल खाली रखे जा सकते हैं, जिन्हें आगे की रणनीति के अनुसार भरा जाएगा। संविधान के मुताबिक बिहार में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं।
जेडीयू से 13 मंत्री
नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू से इस बार 13 विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना है। इनमें सीएम नीतीश कुमार स्वयं शामिल रहेंगे। पार्टी ने अनुभवी चेहरों के साथ-साथ कुछ नए विधायकों को भी शामिल करने पर जोर दिया है ताकि सरकार में संतुलन बना रहे।
बीजेपी को भी 13 पद मिलने की चर्चा
एनडीए की सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी बीजेपी को भी 13 मंत्रिपद मिलने की संभावना जताई जा रही है। चर्चा यह भी है कि बीजेपी से दो डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। यह फैसला प्रदेश में पार्टी की मजबूत मौजूदगी और भविष्य की राजनीतिक रणनीति को देखते हुए लिया जा सकता है। साथ ही विधानसभाध्यक्ष का पद भी बीजेपी के खाते में जाने की बात सामने आ रही है।
छोटी पार्टियों को भी प्रतिनिधित्व
एनडीए की अन्य पार्टियों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी।
- एलजेपी (रामविलास) को 3 मंत्री पद
- हम (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) को 1 मंत्री पद
- आरएलएम (राष्ट्रीय लोकमत पार्टी) को 1 मंत्री पद
इन पदों के जरिए गठबंधन में संतुलन और सभी सहयोगियों को जिम्मेदारी देने का संदेश दिया जा रहा है।
6 विधायकों पर 1 मंत्री का फार्मूला
सूत्र बताते हैं कि इस बार भी गठबंधन में छह विधायकों पर एक मंत्री का पुराना फार्मूला अपनाया जा सकता है। इससे सभी दलों की ताकत के अनुसार उनका प्रतिनिधित्व तय किया जाएगा।
जल्द हो सकती है शपथ
माना जा रहा है कि नई सरकार का मंत्रिमंडल जल्द ही शपथ लेगा। इसके साथ ही बिहार में नई राजनीतिक व्यवस्था और कामकाज की दिशा भी तय हो जाएगी। सरकार का फोकस स्थिरता और विकास की गति को आगे बढ़ाने पर रहेगा।
