पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य के लोगों को बड़ी राहत देने वाला एलान किया है। उन्होंने कहा कि अब फायर एनओसी (No Objection Certificate) हर साल लेने की जरूरत नहीं होगी। सरकार ने इस व्यवस्था को तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांट दिया है, जिससे न केवल समय बचेगा बल्कि लोगों को बार-बार चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे।
अब फायर एनओसी की वैधता:
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पहली श्रेणी: 5 साल तक मान्य एनओसी
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दूसरी श्रेणी: 3 साल तक मान्य
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तीसरी श्रेणी: 1 साल तक मान्य
इस नए फैसले के बाद राज्य में लाल फीताशाही और बिचौलियों के दखल को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मंत्री सौंद ने कहा कि पहले छोटे-बड़े बिल्डर्स को हर साल फायर एनओसी के लिए आवेदन देना पड़ता था, जिससे समय और पैसा दोनों की बर्बादी होती थी।
आर्किटेक्ट्स के लिए भी बड़ी सुविधा
तरुणप्रीत सौंद ने जानकारी दी कि अब जो आर्किटेक्ट्स सरकार के पोर्टल पर रजिस्टर्ड होंगे, वे सीधे पोर्टल पर अपनी ड्रॉइंग अपलोड कर सकेंगे। इसके बाद उन्हें किसी ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी होगी। इससे भ्रष्टाचार और देरी पर लगाम लगेगी।
मंत्री ने कहा कि पहले एक आर्किटेक्ट को नक्शा बनाने के बाद अलग से फायर प्लान पास करवाने के लिए बाजार और सरकारी दफ्तरों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। अब वह सब डिजिटल पोर्टल के जरिए सरल और सीधा हो जाएगा।
इमारतों की ऊंचाई सीमा भी बढ़ी
उन्होंने बताया कि अब तक केवल 18 मीटर ऊंची इमारतों को ही फायर एनओसी मिलती थी, लेकिन अब इस सीमा को बढ़ाकर 21 मीटर कर दिया गया है। इससे रिहायशी और व्यावसायिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
तरुणप्रीत सौंद ने कहा कि यह कदम पंजाब के आधुनिक और सुरक्षित विकास की दिशा में सरकार का ठोस प्रयास है। फायर सेफ्टी के लिए भी अब नई तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुराने समय में जहां पानी या रेत से आग बुझाई जाती थी, वहीं अब आधुनिक उपकरणों और यंत्रों का दौर है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि ये सभी सुधार जनता की सहूलियत के लिए किए जा रहे हैं और सरकार की कोशिश है कि लोगों को बिना किसी परेशानी के सुविधाएं मिले।
