पंजाब के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने इस वर्ष NEET-UG 2026 में शानदार प्रदर्शन कर नई मिसाल कायम की है। राज्य के 882 सरकारी स्कूलों के छात्रों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की है। यह अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है। खास बात यह है कि यह उपलब्धि ऐसे समय में मिली है, जब इस वर्ष पेपर लीक के कारण परीक्षा दोबारा आयोजित करनी पड़ी थी।
चार साल में तस्वीर पूरी तरह बदली
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कुछ वर्ष पहले तक सरकारी स्कूलों से बहुत कम विद्यार्थी NEET जैसी कठिन परीक्षा पास कर पाते थे। वर्ष 2024 में 437, 2025 में 847 और अब 2026 में 882 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है। यह दो वर्षों में 100 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी को दर्शाता है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि 2022 से पहले सरकारी स्कूलों से NEET पास करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 100 से भी कम थी, जबकि अब यह कई गुना बढ़ चुकी है।
शिक्षा सुधारों को दिया सफलता का श्रेय
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस उपलब्धि का श्रेय पंजाब सरकार की शिक्षा सुधार पहल को दिया। उनका कहना है कि बेहतर स्कूल, आधुनिक सुविधाएं, शिक्षकों की मेहनत और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष सहायता कार्यक्रमों का असर अब नतीजों में दिखाई दे रहा है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने भी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए इसे ‘शिक्षा क्रांति’ का परिणाम बताया।
साधारण परिवारों के बच्चों ने बढ़ाया मान
सरकारी स्कूलों के कई सफल विद्यार्थी ऐसे परिवारों से आते हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं है। सरकार का कहना है कि मुफ्त कोचिंग, मेंटरशिप, ऑनलाइन कक्षाओं और अभ्यास परीक्षाओं ने इन विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में मदद की। इससे यह साबित हुआ है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर सरकारी स्कूलों के छात्र भी बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।
शिक्षा मॉडल पर बढ़ी चर्चा
लगातार बेहतर होते परिणामों के बाद पंजाब के सरकारी स्कूलों का शिक्षा मॉडल चर्चा में है। शिक्षा विभाग का कहना है कि आने वाले समय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए और अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में अपना भविष्य बना सकें।
