RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसलों के ऐलान के बाद भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई। शुक्रवार को कारोबार के अंत में BSE सेंसेक्स 447 अंक चढ़कर 85,712 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 24 शेयर बढ़त में रहे, जबकि सिर्फ 6 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी ने भी शानदार प्रदर्शन किया और 152 अंकों की बढ़त के साथ 26,186 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी के लगभग सभी सेक्टर हरे निशान में रहे, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा।
कौन-से शेयर रहे चमकदार, कौन हुए कमजोर
सेंसेक्स की कंपनियों में Eternal, Maruti Suzuki, Power Grid, Infosys, Bharat Electronics और Bajaj Finance के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई।
वहीं Reliance Industries, Bharti Airtel, HDFC Bank और Trent जैसे दिग्गज शेयरों में हल्की गिरावट रही, जिसने बाजार की तेजी को थोड़ा धीमा किया।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों की बात करें तो दक्षिण कोरिया का Kospi और चीन का SSE Composite हरे निशान में बंद हुए। इसके उलट जापान का Nikkei 225 और हांगकांग का Hang Seng लाल निशान में रहे।
अमेरिकी बाजारों में गुरुवार को कारोबार लगभग सपाट रहा, जिससे वैश्विक सेंटिमेंट में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया।
कच्चे तेल में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.17% टूटकर 63.15 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। तेल की कीमतों में यह गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था और निवेशकों दोनों के लिए राहत की खबर है।
FII ने बेचे, DII ने खरीदे
बाजार डेटा के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) गुरुवार को भारी बिकवाली के साथ दिखाई दिए। उन्होंने 1,944 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) सक्रिय खरीदार रहे और 3,661 करोड़ रुपये की खरीदारी की। इससे बाजार को मजबूत समर्थन मिला।
RBI ने रैपो दर घटाई, बाजार में दौड़ी नई ऊर्जा
आरबीआई गवर्नर द्वारा की गई घोषणा बाजार के लिए बड़ी राहत लेकर आई।
मौद्रिक नीति समिति ने एकमत से नीतिगत ब्याज दर रैपो रेट में 0.25% की कटौती करते हुए इसे 5.25% करने का फैसला किया।
इस बदलाव का सीधा लाभ आम लोगों और उद्योगों को मिलेगा क्योंकि इससे लोन सस्ते होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय आर्थिक गतिविधियों को गति देगा और मार्केट में निवेशकों का भरोसा और बढ़ाएगा।
आगे बाजार का मूड कैसा?
विश्लेषकों के अनुसार, RBI के फैसले के सकारात्मक असर आने वाले कुछ हफ्तों में भी दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, वैश्विक आर्थिक संकेतकों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बाजार की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।
