होमी भाभा कैंसर अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर (HBCH & RC), पंजाब में शुक्रवार को तीसरे होमी भाभा कैंसर कॉन्क्लेव (HBCC) 2026 की शुरुआत हुई। तीन दिन चलने वाले इस आयोजन की थीम ‘ऑन्कोलॉजी में दूरियों को पाटना’ रखी गई है। कॉन्क्लेव में आम कैंसर के इलाज में अलग-अलग विशेषज्ञों के मिलकर काम करने और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर चर्चा की जा रही है।
देशभर से डॉक्टरों ने कराया रजिस्ट्रेशन
कॉन्क्लेव का आयोजन 21 से 23 अगस्त तक HBCH & RC, न्यू चंडीगढ़ और NMIMS, चंडीगढ़ में किया जा रहा है। आयोजन में देश के अलग-अलग हिस्सों से सैकड़ों डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य कैंसर के इलाज से जुड़ी नई जानकारी और व्यावहारिक अनुभवों को साझा करना है।
पहले दिन तीन विशेष वर्कशॉप
पहले दिन HBCH & RC, न्यू चंडीगढ़ में तीन प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप आयोजित की गईं। इनमें सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में वर्चुअल सर्जिकल प्लानिंग, नेविगेशन और 3D प्रिंटिंग, प्रोस्टेट कैंसर में MRI और प्रिसिजन मेडिसिन के दौर में HER2 टेस्टिंग जैसे विषय शामिल रहे। इन वर्कशॉप में डॉक्टरों को इंटरैक्टिव और व्यावहारिक प्रशिक्षण का मौका मिला।
GI कैंसर से लेकर हेड एंड नेक कैंसर तक चर्चा
मुख्य कॉन्फ्रेंस 22 और 23 अगस्त को NMIMS, चंडीगढ़ में होगी। 22 अगस्त को GI Oncology और Hematology पर विशेष वैज्ञानिक सत्र होंगे। वहीं 23 अगस्त को Head and Neck Cancer, Thoracic Oncology और Dental Rehabilitation पर चर्चा की जाएगी।
मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन नीति आयोग के पूर्व सदस्य और AIIMS नई दिल्ली के बाल रोग विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. विनोद कुमार पॉल करेंगे। IIT रोपड़ के निदेशक डॉ. राजीव आहूजा गेस्ट ऑफ ऑनर होंगे।
सुखना झील पर कैंसर जागरूकता वॉकथॉन
कॉन्क्लेव के दौरान 23 अगस्त को सुखना झील पर कैंसर जागरूकता वॉकथॉन भी आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य लोगों को कैंसर की रोकथाम, शुरुआती पहचान और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे।
विशेषज्ञों के बीच ज्ञान साझा करने का मंच
HBCH & RC के निदेशक डॉ. आशीष गुलिया ने कहा कि कॉन्क्लेव कैंसर देखभाल से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। उन्होंने बताया कि इस बार कार्यक्रम में विशेषज्ञ पैनल चर्चा, केस आधारित वर्कशॉप और वैज्ञानिक प्रस्तुतियों के जरिए वास्तविक मरीजों से जुड़ी चुनौतियों और उनके व्यावहारिक समाधान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
