अमेरिका ने एक नया पायलट वीजा प्रोग्राम लॉन्च करने की तैयारी कर ली है। यह कार्यक्रम खासतौर पर उन लोगों के लिए है जो टूरिस्ट (B1) और बिजनेस (B2) वीजा पर अमेरिका आते हैं, लेकिन वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी देश में रह जाते हैं। ट्रंप प्रशासन पहले से ही प्रवासियों को लेकर सख्त रुख अपनाता रहा है और इस कार्यक्रम को उसी नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
वीजा बॉन्ड: 5,000 से 15,000 डॉलर तक जमा कराना होगा
इस पायलट प्रोग्राम के तहत अमेरिका आने वाले यात्रियों को वीजा बॉन्ड के रूप में 5,000, 10,000 या 15,000 डॉलर तक की राशि जमा करनी होगी। वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों को यह अधिकार दिया गया है कि वे अप्लिकेशन की जांच के बाद अपने विवेक से किसी भी एक रकम का बॉन्ड लागू कर सकते हैं।
समय पर लौटने पर राशि की होगी वापसी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जो लोग अपने वीजा की तय अवधि के भीतर अमेरिका छोड़ देते हैं, उन्हें यह बॉन्ड राशि पूरी तरह वापस कर दी जाएगी। यानी, यह बॉन्ड एक तरह की सुरक्षा गारंटी के रूप में होगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि वीजा की शर्तों का पालन हो।
भारतीयों पर क्या होगा असर?
फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि किन देशों के नागरिक इस प्रोग्राम के दायरे में आएंगे। लेकिन अमेरिका में वीजा ओवरस्टे के मामलों में भारतीयों की संख्या को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि भारत इस सूची में शामिल हो सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि जिन देशों से ज्यादा वीजा उल्लंघन की घटनाएं सामने आती हैं, वहां के नागरिकों को यह बॉन्ड भरना अनिवार्य किया जा सकता है।
15 दिन पहले जारी होगी देशों की सूची
इस प्रोग्राम के तहत किन-किन देशों के नागरिकों को बॉन्ड भरना होगा, इसकी घोषणा कार्यक्रम लागू होने से कम से कम 15 दिन पहले कर दी जाएगी। अमेरिका ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर देशों की सूची में संशोधन भी किया जा सकता है।
उद्देश्य: वीजा नियमों का पालन और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना
इस प्रोग्राम को अमेरिका एक डिप्लोमैटिक टूल के रूप में देख रहा है। इसका मकसद न केवल वीजा नियमों का पालन सुनिश्चित करना है, बल्कि विदेशी सरकारों को भी प्रोत्साहित करना है कि वे अपने नागरिकों की पहचान की कड़ी जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि वे विदेशों में वैध दस्तावेजों के बिना प्रवेश न करें।
2023 में 5 लाख से अधिक लोग रहे ओवरस्टे
अमेरिकी होमलैंड सुरक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023 में करीब 5 लाख से अधिक लोग वीजा खत्म होने के बावजूद अमेरिका में ही रह गए। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर इस पायलट प्रोग्राम की शुरुआत का फैसला लिया गया है।
कब से होगा लागू?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह वीजा बॉन्ड प्रोग्राम 20 अगस्त 2025 से प्रभावी हो सकता है और लगभग एक साल तक लागू रहेगा। इसके प्रभाव और परिणामों की समीक्षा के बाद अमेरिका अगला कदम तय करेगा।
नियमों का पालन जरूरी
अमेरिका का यह नया कदम वीजा प्रणाली को सख्त बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। यदि आप भविष्य में अमेरिका जाने की योजना बना रहे हैं, तो इस प्रोग्राम से जुड़े नियमों और शर्तों की पूरी जानकारी लेना जरूरी होगा, ताकि यात्रा में किसी तरह की परेशानी न हो।
