बीते साल 2025 के आखिर में सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही बाजार ने अचानक करवट ले ली है। सोमवार, साल के पहले कारोबारी दिन, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में ही चांदी 13 हजार रुपये से ज्यादा उछल गई, जबकि सोने की कीमत में भी करीब 2400 रुपये की बढ़त देखने को मिली।
चांदी ने मारी सबसे बड़ी छलांग
MCX पर 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी शुक्रवार को 2,36,316 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। लेकिन सोमवार को बाजार खुलते ही चांदी ने तूफानी तेजी पकड़ ली और कुछ ही समय में इसका भाव 2,49,900 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। यानी एक ही झटके में चांदी करीब 13,484 रुपये महंगी हो गई। इतनी तेज उछाल ने निवेशकों और कारोबारियों दोनों को चौंका दिया।
अब भी रिकॉर्ड हाई से नीचे चांदी
हालांकि इस बड़ी तेजी के बावजूद चांदी अभी अपने ऑल टाइम हाई से नीचे ही कारोबार कर रही है। साल की शुरुआत में चांदी 2,54,174 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची थी। मौजूदा कीमत से तुलना करें तो चांदी अभी भी करीब 4,200 रुपये सस्ती है, यानी आगे और उतार-चढ़ाव की गुंजाइश बनी हुई है।
सोना भी तेजी में पीछे नहीं
चांदी के साथ-साथ सोने ने भी मजबूती दिखाई। MCX पर 5 फरवरी एक्सपायरी वाला 24 कैरेट सोना शुक्रवार को 1,35,761 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। सोमवार को कारोबार शुरू होते ही सोना उछलकर 1,38,200 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। यानी सोने की कीमत में करीब 2,439 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
क्यों बढ़े सोना-चांदी के दाम?
सोना और चांदी को हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता है। जब भी दुनिया में तनाव बढ़ता है, निवेशक शेयर बाजार जैसी जोखिम भरी जगहों से पैसा निकालकर सोना-चांदी में लगाना पसंद करते हैं। हाल ही में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर की गई सैन्य कार्रवाई से वैश्विक तनाव बढ़ा है। इसी वजह से सोना और चांदी की मांग अचानक बढ़ गई, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा।
पहले से जताई जा रही थी तेजी की आशंका
विशेषज्ञ पहले से ही इस तेजी का अनुमान लगा रहे थे। अमेरिका की कार्रवाई के बाद बाजार जानकारों ने कहा था कि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से कमोडिटी बाजार में तेजी आएगी। विशेषज्ञों का मानना था कि सोना, चांदी के साथ-साथ कच्चा तेल और तांबे जैसी कमोडिटीज़ में भी उछाल देखने को मिल सकता है, और सोमवार को बाजार में यही नजारा दिखा।
आगे क्या रह सकता है रुख?
अगर वैश्विक हालात ऐसे ही तनावपूर्ण बने रहते हैं, तो आने वाले दिनों में सोना-चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता के साथ फैसले लेने का है, क्योंकि सुरक्षित निवेश की ओर रुझान अभी बना रह सकता है।
