पंजाब में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 10वीं कक्षा की छात्रा गगनदीप कौर का सुझाव चर्चा का विषय बन गया। छात्रा ने समान अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की रैंकिंग उम्र के आधार पर तय करने की व्यवस्था पर सवाल उठाया और इसे अनुचित बताया। उनकी बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मौके पर ही नियम में बदलाव के निर्देश दे दिए।
छात्रा ने उठाया निष्पक्षता का मुद्दा
गगनदीप कौर ने मुख्यमंत्री के साथ संवाद के दौरान कहा कि जब दो या अधिक छात्र समान अंक प्राप्त करते हैं, तो उनकी रैंक उम्र के आधार पर तय करना उचित नहीं है। उनका मानना था कि समान अंक पाने वाले विद्यार्थियों को समान सम्मान और समान रैंक मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने तुरंत लिया फैसला
छात्रा का सुझाव सुनने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तुरंत संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था में बदलाव करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली में निष्पक्षता सबसे महत्वपूर्ण है और छात्रों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
अब समान अंक पर मिलेगी समान रैंक
नए फैसले के अनुसार, यदि दो या अधिक छात्र समान अंक प्राप्त करते हैं, तो उन्हें समान रैंक दी जाएगी। इससे पहले कुछ मामलों में उम्र के आधार पर रैंकिंग तय की जाती थी। अब इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है।
शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि यह बदलाव छात्रों के बीच निष्पक्षता को बढ़ावा देगा। समान अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अब केवल उम्र के आधार पर पीछे नहीं रखा जाएगा, जिससे उन्हें समान अवसर और पहचान मिलेगी।
छात्रा की सोच की हो रही सराहना
गगनदीप कौर की जागरूकता और आत्मविश्वास की कई लोगों ने सराहना की है। एक छात्रा द्वारा उठाए गए मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई ने यह भी दिखाया कि युवाओं के सुझावों को गंभीरता से सुना जा सकता है। यह घटना शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव और विद्यार्थियों की भागीदारी का एक उल्लेखनीय उदाहरण बनकर सामने आई है।
