पंजाब के लिए एक अहम खबर सामने आई है। विश्वप्रसिद्ध भाखड़ा डैम में पानी का स्तर लगातार बढ़ते हुए 1679.24 फीट तक पहुँच गया है। यह स्तर खतरे के निशान से केवल डेढ़ फीट नीचे है। वहीं, डैम के पीछे बनी गोविंद सागर झील में इस समय करीब 1.09 लाख क्यूसेक पानी आ रहा है, जो पिछले साल की तुलना में कहीं ज्यादा है।
प्रशासन ने दिए घर खाली करने के आदेश
जलस्तर तेजी से बढ़ने को देखते हुए रूपनगर के डिप्टी कमिश्नर वर्जीत वालिया ने आसपास के निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। प्रभावित गांवों के लोगों को अपने घर खाली करने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। फिलहाल डैम से करीब 80,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है और अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले घंटों में पानी की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है।
किन इलाकों पर पड़ सकता है असर
डीसी ने चेतावनी दी है कि नंगल और श्री आनंदपुर साहिब सब-डिवीजन के कई गांवों में पानी भर सकता है।
नंगल क्षेत्र में हरछा बेला, पत्ती दुलजिया, पत्ती टेकर सिंह, बेला तैणी, बेला रामगढ़, मझारी, डब्ब खेड़ा, निचला जैसे गांव प्रभावित हो सकते हैं।
इसी तरह आनंदपुर साहिब क्षेत्र के बुर्ज, चानपुर बेला, शाहपुर बेला, निक्कूवाल और लोधीपुर जैसे गांवों में भी बाढ़ का असर देखने को मिल सकता है।
घबराने की ज़रूरत नहीं, प्रशासन सतर्क
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। हेडवर्क्स पर जितना पानी छोड़ा जाएगा, उससे ज्यादा आगे नहीं बढ़ेगा। प्रशासन स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और समय-समय पर आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन की बातों पर भरोसा करें।
राहत कैंप और सुरक्षा व्यवस्था
प्रशासन ने निचले इलाकों में रह रहे परिवारों के लिए राहत कैंप भी बनाए हैं। यहां प्रभावित लोग सुरक्षित रूप से रह सकते हैं। अधिकारियों ने कहा है कि सभी जरूरी इंतज़ाम किए जा रहे हैं ताकि किसी भी व्यक्ति को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
