पंजाब सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री Baljit Kaur ने बताया कि मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है, ताकि उनका और उनके बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर हो सके।
DBT के जरिए सीधे खातों में पैसे
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक कुल ₹127.95 करोड़ की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से महिलाओं के बैंक खातों में भेजी है। इससे महिलाओं को बिना किसी परेशानी के सीधे लाभ मिल रहा है और पारदर्शिता भी बनी हुई है।
2.89 लाख महिलाओं को मिला लाभ
इस योजना के तहत अब तक 2.89 लाख से ज्यादा महिलाओं को फायदा पहुंच चुका है। मंत्री ने कहा कि यह सहायता सिर्फ आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि यह माताओं और नवजात बच्चों के लिए सुरक्षा कवच का काम कर रही है।
पहले और दूसरे बच्चे के लिए सहायता
इस योजना में पहले बच्चे के लिए महिलाओं को ₹5000 की सहायता दो किश्तों (₹3000 + ₹2000) में दी जाती है। वहीं, अगर दूसरा बच्चा लड़की हो, तो महिला को ₹6000 की एकमुश्त राशि दी जाती है। यह पहल बेटी के जन्म को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
साल-दर-साल बढ़ता लाभ
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 में ₹38.11 करोड़ की राशि 76,478 महिलाओं को दी गई। 2024-25 में यह बढ़कर ₹63.78 करोड़ हो गई, जिससे 1,43,418 महिलाओं को लाभ मिला। वहीं 2025-26 में अब तक ₹26.06 करोड़ 69,110 महिलाओं को दिए जा चुके हैं।
रजिस्ट्रेशन पर भी जोर
सरकार ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इस योजना से जोड़ने के लिए रजिस्ट्रेशन पर भी ध्यान दे रही है। 2023-24 में 1.32 लाख और 2024-25 में 1.14 लाख महिलाओं का रजिस्ट्रेशन हुआ। 2025-26 में भी 1.14 लाख महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अब तक 1.05 लाख महिलाएं रजिस्टर हो चुकी हैं।
हर पात्र महिला तक पहुंचाने का लक्ष्य
मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र महिला इस योजना से वंचित न रहे। पंजाब सरकार आने वाले समय में भी महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए ऐसी योजनाओं को और मजबूत करती रहेगी।
