पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में भारत-पाकिस्तान अटारी सीमा पर रिट्रीट समारोह देखने आने वाले लाखों पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने 25 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना से अटारी बॉर्डर पर विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
पंजाब हेरिटेज एंड टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड करेगा विकास कार्य
इस संबंध में जानकारी देते हुए अमृतसर की डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने बताया कि अटारी सीमा भारत के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। यह परियोजना पंजाब हेरिटेज एंड टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड के तहत सीमा सुरक्षा बल (BSF) और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के सहयोग से विकसित की जाएगी। निर्माण कार्य का आरंभ प्रवेश द्वार से किया जाएगा और इसका विस्तार बॉर्डर तक किया जाएगा। कुल परियोजना लागत 24.65 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।
9 महीनों में होगा कार्य पूरा, 5 साल तक एजेंसी करेगी देखरेख
डीसी साक्षी साहनी ने बताया कि यह परियोजना आगामी 9 महीनों में पूर्ण की जाएगी। परियोजना की निगरानी और रखरखाव अगले पांच वर्षों तक संबंधित एजेंसी द्वारा ही किया जाएगा, जिससे निरंतर गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। यह कदम पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने और अटारी को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में निर्णायक सिद्ध होगा।
पर्यटकों के लिए विकसित की जाएंगी आधुनिक सुविधाएं
परियोजना के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा, जिनमें विशाल दर्शनी गेट, वाहन जांच केंद्र, टूरिस्ट सूचना केंद्र, छायायुक्त सुंदर मार्ग, अत्याधुनिक गैलरी, सुरक्षा जांच ढांचा और एडवेंचर ज़ोन शामिल हैं। इन सभी सुविधाओं का उद्देश्य बॉर्डर पर आने वाले पर्यटकों को आरामदायक, सुरक्षित और जानकारियों से भरपूर अनुभव प्रदान करना है।
रिट्रीट समारोह को देखने वालों के लिए होगा विशेष आकर्षण
डीसी ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य अटारी बॉर्डर को एक ऐसा केंद्र बनाना है जहां भारत और पाकिस्तान की सीमा पर होने वाले रिट्रीट समारोह में शामिल होने वाले पर्यटकों को उच्च स्तरीय सुविधाएं मिलें। यह कदम न केवल राज्य के पर्यटन को प्रोत्साहित करेगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।
पंजाब सरकार की दूरदर्शी योजना से राज्य को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य के ऐतिहासिक और सामरिक महत्व वाले स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में कार्य कर रही है। अटारी बॉर्डर पर यह नई परियोजना न केवल राज्य की छवि को सुदृढ़ करेगी, बल्कि पर्यटन, रोजगार और स्थानीय व्यापार के लिए भी नए अवसर उत्पन्न करेगी।
