पंजाब को नशा मुक्त बनाकर ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लक्ष्य के साथ आम आदमी पार्टी की सरकार ने ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। इस ऐतिहासिक अभियान की शुरुआत बुधवार को अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने की। इस मौके पर केजरीवाल ने कहा कि पहले चरण को शानदार सफलता मिली और अब दूसरे चरण में जनता की सीधी भागीदारी से नशे के खिलाफ लड़ाई और तेज होगी।
फेज-2 में जनता की सीधी भागीदारी
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि 10 से 25 जनवरी तक पंजाब के हर गांव और वार्ड में पदयात्राएं निकाली जाएंगी। इसके लिए विलेज डिफेंस कमेटी (VDC) बनाई गई है। अब तक करीब डेढ़ लाख वालंटियर इस मुहिम से जुड़ चुके हैं। इन वालंटियर्स के मोबाइल में एक खास ऐप दिया जाएगा, जिसमें वे नशे से जुड़ी जानकारी और उस पर हुई कार्रवाई की अपडेट देख सकेंगे।
मिस्ड कॉल से जुड़ेंगे लोग
केजरीवाल ने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे इस अभियान से जुड़ने के लिए 9899100002 नंबर पर मिस्ड कॉल दें। उन्होंने कहा कि पंजाब के तीन करोड़ लोग मिलकर ही नशे को जड़ से खत्म कर सकते हैं। इस अभियान से जुड़े लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे अपने इलाके में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
फेज-1 की बड़ी उपलब्धियां
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान का पहला चरण 1 मार्च 2025 को शुरू हुआ था। बीते करीब डेढ़ साल में नशा तस्करों के खिलाफ 28,000 से ज्यादा केस दर्ज किए गए। इनमें से 88 प्रतिशत मामलों में आरोपियों को सजा हुई है। अब तक करीब 42,000 तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 350 बड़े स्मगलर भी शामिल हैं। कई तस्करों की अवैध कोठियों और इमारतों पर बुलडोजर चला कर उन्हें तोड़ा गया।
बड़े तस्करों पर भी कार्रवाई
केजरीवाल ने कहा कि ऐसा नहीं है कि सिर्फ छोटे अपराधियों को पकड़ा गया। बड़े और कुख्यात तस्करों को भी जेल भेजा गया है। पहले जिन लोगों का नाम लेने से प्रशासन तक डरता था, उन्हें भी आम आदमी पार्टी की सरकार ने कानून के दायरे में लाया। इससे जनता का भरोसा सरकार पर बढ़ा है।
विलेज डिफेंस कमेटी की अहम भूमिका
केजरीवाल ने बताया कि VDC में गांव और वार्ड के 10 से 20 ऐसे लोग शामिल किए गए हैं, जो अपने इलाके को नशा मुक्त बनाना चाहते हैं। ये लोग अपने गांव में नशा बेचने वालों की जानकारी देंगे। जानकारी देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। सारी मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से होगी, ताकि किसी स्तर पर मिलीभगत न हो सके।
नशे के शिकार युवाओं का इलाज भी
VDC का दूसरा अहम काम नशे की चपेट में आए युवाओं का इलाज कराना है। वालंटियर ऐसे युवाओं को समझाकर रीहैब और OST सेंटर तक पहुंचाएंगे। केजरीवाल ने बताया कि पहले इन सेंटरों की हालत खराब थी, लेकिन अब बेड की संख्या 1500 से बढ़ाकर 5000 कर दी गई है। यहां बेहतर इलाज, खाना और सुविधाएं दी जा रही हैं।
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आने वाले नशे पर लगाम
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि पंजाब में सबसे ज्यादा नशा पाकिस्तान सीमा से ड्रोन के जरिए आता है। इसे रोकने के लिए पंजाब सरकार ने अपने फंड से एंटी-ड्रोन सिस्टम खरीदे हैं। अब जैसे ही ड्रोन सीमा पार करता है, उसे गिरा दिया जाता है और नशा पंजाब में पहुंचने से पहले ही रोक दिया जाता है।
भगवंत मान बोले—यह सामाजिक लड़ाई है
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ फेज-2 एक जन-आंदोलन है। नशा सिर्फ पुलिस की कार्रवाई से नहीं, बल्कि समाज की भागीदारी से खत्म होगा। उन्होंने कहा कि नशा करने वालों को अपराधी नहीं, बल्कि मरीज समझें और उन्हें इलाज के रास्ते पर लाएं।
हर नागरिक बने ‘पहरेदार’
भगवंत मान ने कहा कि गांव के लोगों को सब पता होता है कि नशा कौन बेचता है और कौन इसका शिकार है। अगर हर नागरिक पहरेदार बन जाए, तो पंजाब को नशा मुक्त होने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियां इस आंदोलन को याद रखेंगी और इन ‘पिंड दे पहरेदारों’ का नाम इतिहास में दर्ज होगा।
