पंजाब में नशों के खिलाफ चल रही ‘ਯੁੱਧ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ’ (युद्ध नशों के विरुद्ध) मुहिम के 123वें दिन बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने राज्यभर में छापेमारी कर 156 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इन तस्करों के पास से पुलिस ने 7.8 किलो हेरोइन, 3 किलो अफीम और करीब 1.43 लाख रुपये की ड्रग्स मनी जब्त की है।
स्पेशल डीजीपी (कानून और व्यवस्था) अरपित शुक्ला ने बताया कि यह एक राज्यस्तरीय अभियान था, जिसमें 91 उच्चाधिकारियों की निगरानी में 1500 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल थे। इस दौरान राज्य भर में 477 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 220 से ज्यादा पुलिस टीमें जुटीं।
अब तक 20,000 से ज्यादा तस्कर दबोचे
इस अभियान की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 20,206 नशा तस्कर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। यह संख्या बताती है कि पुलिस नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।
दिनभर चला अभियान
पुलिस की यह कार्रवाई एक दिन तक चली, जिसमें शक के आधार पर 483 लोगों की जांच की गई। इस दौरान 104 एफआईआर दर्ज की गईं।
पुनर्वास की भी कोशिश
सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि पुलिस ने नशा छुड़वाने की दिशा में भी प्रयास किया। इस अभियान के दौरान 59 लोगों को नशा छोड़ने और पुनर्वास केंद्रों में इलाज करवाने के लिए राज़ी किया गया। पुलिस का मानना है कि केवल सज़ा से नहीं, बल्कि समझा-बुझाकर भी नशे की समस्या का हल निकाला जा सकता है।
सरकार का संदेश साफ
पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि नशे के खिलाफ यह जंग रुकने वाली नहीं है। हर दिन, हर इलाके में छापेमारी कर नशा तस्करों की कमर तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इस मुहिम के तहत की जा रही निरंतर कार्रवाई से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में पंजाब को नशा मुक्त बनाया जा सकेगा।
