भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज अमृतसर पहुंचीं, जहां उन्होंने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU) के 50वें कॉन्वोकेशन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। यह समारोह विश्वविद्यालय के लिए एक ऐतिहासिक अवसर रहा, जिसमें हजारों छात्रों की मेहनत और उपलब्धियों का सम्मान किया गया।
राष्ट्रपति का भव्य स्वागत
गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी पहुंचने पर वाइस चांसलर प्रो. डॉ. करमजीत सिंह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया। इस अवसर पर पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया भी राष्ट्रपति के साथ कॉन्वोकेशन हॉल पहुंचे। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई, जिससे माहौल बेहद गरिमामय बन गया।
मंच पर मौजूद रहे प्रमुख अतिथि
कॉन्वोकेशन समारोह के दौरान मंच पर कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। इनमें पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी और वाइस चांसलर प्रो. डॉ. करमजीत सिंह शामिल थे। सभी ने मिलकर छात्रों को प्रेरित करने और उनका उत्साह बढ़ाने का संदेश दिया।
सिंडिकेट और सीनेट सदस्यों से मुलाकात
कार्यक्रम से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यूनिवर्सिटी के सिंडिकेट और सीनेट सदस्यों से मुलाकात की। इस दौरान विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों पर भी चर्चा हुई। यह मुलाकात GNDU के लिए गर्व का क्षण रही।
यूनिवर्सिटी की उपलब्धियों पर प्रकाश
वाइस चांसलर प्रो. डॉ. करमजीत सिंह ने अपने संबोधन में गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी की शैक्षणिक, खेल और सह-शैक्षणिक क्षेत्रों में उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने राष्ट्रपति सहित सभी अतिथियों का स्वागत और धन्यवाद भी किया।
1452 छात्रों को मेडल और डिग्रियां
अपने संबोधन के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 1,452 छात्रों को मेडल और डिग्रियां प्रदान कीं। छात्रों के लिए यह पल जीवनभर यादगार बन गया। राष्ट्रपति ने युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ मूल्यों और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
