पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की अमृतसर में सुप्रीम सिख तख्त श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेशी आज 15 जनवरी को पूरी हो गई। मुख्यमंत्री करीब 40 मिनट तक अंदर रहे। पेशी के बाद बाहर आकर उन्होंने मीडिया से बातचीत की और पूरे मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट किया।
जत्थेदार को दी पूरी जानकारी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि उन्होंने जत्थेदार को अपने सभी बयानों और घटनाक्रम की पूरी जानकारी दे दी है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा कही गई बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई। सीएम ने साफ किया कि उन्होंने हर सवाल का जवाब पूरी ईमानदारी से दिया है।
सोशल मीडिया पर फैल रही कहानी गलत
सीएम मान ने कहा कि सोशल मीडिया पर यह झूठी कहानी फैलाई जा रही है कि वे श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने इसे पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर गलत अर्थ निकालकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
अकाल तख्त के प्रति सम्मान दोहराया
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बेहद भावुक अंदाज में कहा कि वे श्री अकाल तख्त साहिब के सामने हमेशा सिर झुकाते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनमें न तो अकाल तख्त को चुनौती देने की हिम्मत है और न ही ऐसी कोई सोच। अकाल तख्त साहिब उनके लिए सर्वोच्च धार्मिक संस्था है।
गलतफहमी और भ्रम का नतीजा
सीएम मान ने जत्थेदार से कहा कि पूरा मामला गलतफहमी और भ्रम फैलाने का परिणाम है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनका किसी भी तरह से सिख मर्यादाओं या धार्मिक संस्थाओं का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था और न है।
