पंजाब पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने हाल ही में 77वीं आरआर बैच के 26 आईपीएस प्रशिक्षु अधिकारियों से मुलाकात की। इनमें नेपाल पुलिस और मालदीव पुलिस के एक-एक अधिकारी भी शामिल थे। यह मुलाकात उनके अध्ययन एवं सांस्कृतिक दौरे के दौरान पंजाब पुलिस मुख्यालय, चंडीगढ़ में आयोजित की गई।
इस अवसर पर मुख्यालय में तैनात कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
आधुनिक पुलिसिंग की चुनौतियों पर हुई चर्चा
DGP गौरव यादव ने इन प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ आधुनिक पुलिसिंग से जुड़ी जटिलताओं, तकनीकी परिवर्तन, और साइबर अपराधों की बढ़ती प्रवृत्ति जैसे विषयों पर संवाद किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज की पुलिसिंग केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं, बल्कि सामुदायिक जुड़ाव और भरोसे की पुनर्स्थापना भी उतनी ही ज़रूरी है।
सेवा, ईमानदारी और नैतिकता के मूल्यों पर बल
प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए DGP ने कहा कि उन्हें अपने कार्यकाल में उच्चतम स्तर की ईमानदारी, पारदर्शिता और व्यावसायिकता बनाए रखनी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस बल केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक जिम्मेदारी भी है, जिसमें जनता के साथ सहानुभूति और संवेदनशीलता के साथ काम करना ज़रूरी है।
शुभकामनाओं के साथ विदाई
DGP गौरव यादव ने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को राष्ट्र सेवा के उनके आगामी सफर के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि ये युवा अधिकारी साहस, निष्ठा और समर्पण के साथ देश की सेवा करेंगे और लोगों की सुरक्षा को अपना प्रथम कर्तव्य मानेंगे।
