पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ने जमीन पर असर दिखाना शुरू कर दिया है। आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने बताया कि ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ के पहले चरण में राज्य के हर गांव, शहर और वार्ड तक पहुंच बनाई गई और लोगों को नशे के खिलाफ एकजुट किया गया।
पहले चरण की बड़ी पहल
पहले फेज में लोगों से यह संकल्प दिलाया गया कि वे किसी भी हाल में ड्रग तस्करों का साथ नहीं देंगे। समाज की भागीदारी बढ़ाने के लिए घर-घर संपर्क किया गया और नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाई गई। इसका नतीजा यह हुआ कि लोगों का डर धीरे-धीरे खत्म होने लगा।
नशा मुक्ति केंद्रों में सुधार
सरकार ने नशा मुक्ति केंद्रों को भी पूरी तरह से बेहतर किया। इन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस कर इंटरनेशनल स्तर का बनाया गया, ताकि नशा छोड़ने वाले लोगों को सही इलाज और देखभाल मिल सके। इसके साथ ही, नशा छोड़ चुके लोगों के लिए रोजगार की व्यवस्था भी की गई, जिससे वे दोबारा गलत रास्ते पर न जाएं।
दूसरे चरण की नई रणनीति
अब अभियान के दूसरे चरण में तकनीक और जनभागीदारी को जोड़ा गया है। बलतेज पन्नू के अनुसार, करीब डेढ़ लाख विलेज गार्ड रजिस्टर हो चुके हैं। ये लोग अपने गांवों में सक्रिय ड्रग डीलरों की जानकारी एक खास ऐप के जरिए प्रशासन तक पहुंचाएंगे।
तस्करों में डर का माहौल
उन्होंने कहा कि पहले हालात ऐसे थे कि ड्रग तस्कर इतने बेखौफ थे कि आम लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता था। लेकिन मौजूदा सरकार की सख्ती और जनता के सहयोग से अब हालात बदल चुके हैं। कई तस्कर अपने घर बंद कर पंजाब छोड़कर भाग गए हैं।
जनता से अपील
बलतेज पन्नू ने कहा कि सरकार अकेले यह लड़ाई नहीं जीत सकती। जनता का सहयोग सबसे जरूरी है। उन्होंने भरोसा जताया कि लोगों की मदद से ग्राउंड लेवल पर नशे की समस्या को पूरी तरह खत्म किया जाएगा।
