पंजाब सरकार ने मार्च 2022 से अब तक ₹1.14 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं, जो राज्य की औद्योगिक और आर्थिक वृद्धि की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इन निवेशों से 4.5 लाख से अधिक नए रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि Tata Steel और Sanatan Textiles जैसे बड़े कॉर्पोरेट समूह पंजाब में नई उत्पादन इकाइयाँ लगाने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि सरकार का लक्ष्य पंजाब को एक बार फिर देश का औद्योगिक केंद्र बनाना है, जहाँ से न केवल स्थानीय, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों को भी आपूर्ति की जा सके।
उद्योग क्षेत्र में सुधार और सुविधाएँ
सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई बड़े सुधार किए हैं।
- बिज़नेस-फ्रेंडली नीतियों की घोषणा।
- सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम, जिससे निवेशकों को सभी अनुमतियाँ एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर मिल सकें।
- औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का उन्नयन और बिजली आपूर्ति में स्थिरता।
शिक्षा और कौशल विकास
सरकार ने औद्योगिक वृद्धि के साथ-साथ शिक्षा को भी प्राथमिकता दी है।
- आधुनिक स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना।
- स्किल डेवलपमेंट सेंटर, ताकि युवाओं को उद्योग की मांग के अनुसार प्रशिक्षण मिल सके।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत बनाने के लिए अत्याधुनिक अस्पताल और ‘आम आदमी क्लीनिक’ की संख्या बढ़ाई जा रही है। इन क्लीनिकों में मुफ्त दवाइयाँ, टेस्ट और परामर्श सेवाएँ दी जा रही हैं।
नशे के खिलाफ सख्ती
‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत अब तक 3,500 से अधिक FIR दर्ज हुई हैं। सरकार का कहना है कि इस मुहिम में जनता की भागीदारी से नशा तस्करी पर कड़ा नियंत्रण पाया जा रहा है।
भ्रष्टाचार पर लगाम
पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए Online Registration और Jamabandi Portal शुरू किया गया है। इससे भूमि रिकॉर्ड और सरकारी सेवाओं तक पहुँच आसान हुई है और बिचौलियों की भूमिका कम हुई है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के अंत में कहा, “उद्योग जगत का फीडबैक हमारी आर्थिक वृद्धि के लिए बेहद अहम है। मिलकर हम पंजाब को समृद्ध, आत्मनिर्भर और अवसरों से भरपूर बनाएंगे।”
