अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता पर फिर छिड़ी बहस, ट्रंप के नए आदेशों पर उठेसवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘बर्थ टूरिज्म’ पर सख्ती बढ़ाने के लिए दो नए कार्यकारी आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों का उद्देश्य उन मामलों को सीमित करना है, जिनमें विदेशी नागरिक अमेरिका जाकर बच्चे को जन्म देते हैं ताकि उसे जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता मिल सके। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब कुछ सप्ताह पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने जन्मसिद्ध नागरिकता से जुड़े ट्रंप के पहले आदेश को स्वीकार नहीं किया था।
दोनों आदेशों में क्या है खास
पहला आदेश उन लोगों को निशाना बनाता है जो केवल बच्चे के जन्म के उद्देश्य से अमेरिका की यात्रा करते हैं। इसके तहत ऐसे मामलों में अमेरिका में प्रवेश को सीमित करने की बात कही गई है। दूसरा आदेश उन श्रेणियों का दायरा बढ़ाता है, जिन्हें जन्म के आधार पर नागरिकता के लिए अयोग्य माना जा सकता है। इसमें विदेशी सरकारों के लिए लॉबिंग करने वाले विदेशी नागरिकों के बच्चों को भी शामिल किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ट्रंप की प्रतिक्रिया
व्हाइट हाउस में आदेशों पर हस्ताक्षर करने के बाद ट्रंप ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला निराशाजनक था और इसी वजह से नए बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था का उद्देश्य ऐतिहासिक परिस्थितियों में नागरिकता सुनिश्चित करना था, लेकिन अब इसका अलग तरीके से उपयोग किया जा रहा है। ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता से जुड़े नियमों में बदलाव की आवश्यकता दोहराई।
प्रशासन ने बताई सख्ती की वजह
व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने कहा कि कुछ लोग पर्यटक वीजा पर अमेरिका आते हैं, लेकिन उनका मुख्य उद्देश्य बच्चे को जन्म दिलाकर उसे अमेरिकी नागरिकता दिलाना होता है। उनके अनुसार, इससे भविष्य में सरकारी योजनाओं और अन्य अधिकारों का लाभ मिल सकता है। प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था इस प्रकार के मामलों पर नियंत्रण लाने के लिए बनाई गई है।
विशेषज्ञों ने जताई आपत्ति
इमिग्रेशन कानून के जानकारों और कई कानूनी विशेषज्ञों ने इन नए आदेशों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन जन्म के आधार पर नागरिकता का अधिकार देता है और किसी कार्यकारी आदेश के माध्यम से इस व्यवस्था में बदलाव करना कानूनी चुनौती का विषय बन सकता है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि इन आदेशों को अदालत में चुनौती दिए जाने की संभावना है। वहीं नागरिक अधिकार संगठनों ने भी कहा है कि जन्मसिद्ध नागरिकता अमेरिकी संविधान द्वारा संरक्षित अधिकार है और इस पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध न्यायिक समीक्षा के दायरे में आएगा।
