पंजाब में पिछले कुछ महीनों से चल रहा ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान अब राज्य की सबसे बड़ी पुलिस कार्रवाई बन चुका है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू किए गए इस अभियान का मकसद सिर्फ गैंगस्टरों को पकड़ना नहीं, बल्कि पूरे अपराध नेटवर्क को खत्म करना है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक इस अभियान में 77,895 रेड्स की जा चुकी हैं और 30,721 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 569 हथियार भी बरामद किए गए हैं। लगातार हो रही कार्रवाई के कारण गैंगस्टर नेटवर्क पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
कैसे काम कर रही है पंजाब पुलिस?
Punjab Police और AGTF की टीमें पूरे राज्य में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस सिर्फ बड़े गैंगस्टरों को ही नहीं, बल्कि उनके सहयोगियों, हथियार सप्लायर्स और फंडिंग नेटवर्क पर भी कार्रवाई कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पहले कई अपराधी खुलेआम अपना नेटवर्क चलाते थे, लेकिन अब लगातार दबिश के कारण उनके लिए छिपना भी मुश्किल हो गया है। कई गैंगस्टर पंजाब छोड़ चुके हैं, जबकि कई गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
राजनीतिक संरक्षण पर भी सवाल
सरकार का दावा है कि पिछले वर्षों में कुछ अपराध नेटवर्क राजनीतिक संरक्षण के कारण मजबूत हुए थे। इसी वजह से राज्य में गैंगस्टर कल्चर तेजी से फैला।
अब मान सरकार इस पूरे सिस्टम को तोड़ने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी अपराधी को राजनीतिक या आर्थिक ताकत के आधार पर बचने नहीं दिया जाएगा।
हथियारों और गैंग नेटवर्क पर फोकस
अभियान के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में पिस्टल, रिवॉल्वर और अन्य हथियार बरामद किए हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि ये हथियार कहां से आ रहे थे और किन गैंग्स तक पहुंचाए जा रहे थे।
पंजाब पुलिस अब सोशल मीडिया पर गैंगस्टरों की गतिविधियों और विदेश में बैठे अपराधियों के नेटवर्क पर भी नजर रख रही है। कई मामलों में विदेशों से जुड़े लिंक भी सामने आए हैं।
लोगों में बढ़ा भरोसा
लगातार कार्रवाई के बाद लोगों में यह संदेश गया है कि सरकार और पुलिस अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है। कई जिलों में लोगों ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन भी किया है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें किसी गैंगस्टर गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन पर सूचना दें, ताकि राज्य को सुरक्षित बनाया जा सके।
