भारतीय शेयर बाजार ने 25 जून को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 109.25 अंकों की तेजी के साथ 77,100.47 पर बंद हुआ। दिनभर उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों का भरोसा बना रहा और प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।
शुरुआती कारोबार में दिखी जोरदार तेजी
कारोबार की शुरुआत सकारात्मक संकेतों के साथ हुई। शुरुआती घंटों में सेंसेक्स 700 अंकों से अधिक चढ़ गया था और निफ्टी भी 24,200 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। हालांकि दिन के दूसरे हिस्से में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिसके चलते बाजार अपनी ऊपरी बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा बैठा। इसके बावजूद सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे।
किन वजहों से मिला बाजार को सहारा?
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने भारतीय शेयर बाजार को मजबूती दी। अमेरिका-ईरान तनाव कम होने और वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें घटने से भारत के आयात बिल और महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुईं। इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक की ब्याज दरों को लेकर सकारात्मक टिप्पणियों और बेहतर वैश्विक संकेतों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
इन सेक्टरों में रही अच्छी खरीदारी
आज के कारोबार में ऑटो, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और कुछ चुनिंदा औद्योगिक शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। वहीं कुछ आईटी और अन्य बड़े शेयरों में मुनाफावसूली के कारण बाजार की शुरुआती तेजी थोड़ी सीमित हो गई। इसके बावजूद अधिकांश प्रमुख सेक्टर सकारात्मक दायरे में कारोबार करते रहे।
निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। यदि अंतरराष्ट्रीय माहौल सकारात्मक बना रहता है और विदेशी निवेश जारी रहता है, तो शेयर बाजार में मजबूती का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।
निवेशकों में बढ़ा भरोसा
पिछले दो कारोबारी सत्रों में बाजार की वापसी ने निवेशकों का विश्वास मजबूत किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहने और घरेलू आर्थिक संकेतकों के मजबूत बने रहने पर आने वाले समय में बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है।
