पंजाब सरकार ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुआई वाली सरकार ने महिला हेल्पलाइन सेवाओं, पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम और महिला पेट्रोलिंग टीमों को विस्तार देने का फैसला किया है। मान सरकार का कहना है कि महिलाओं और लड़कियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है और इसी उद्देश्य से नई सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है。
पंजाब सरकार के अनुसार महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, साइबर उत्पीड़न, छेड़छाड़ और सार्वजनिक स्थानों पर असुरक्षा की घटनाओं को देखते हुए पुलिस विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं। मान सरकार चाहती है कि महिलाओं से जुड़े मामलों में शिकायत दर्ज करने से लेकर कार्रवाई तक की प्रक्रिया तेज और प्रभावी बनाई जाए।
नई योजना के तहत पंजाब पुलिस की महिला हेल्पलाइन सेवाओं को तकनीकी रूप से मजबूत किया जाएगा। पहले से संचालित 112 इमरजेंसी सेवा और महिला हेल्पलाइन 181 को अधिक सक्रिय बनाने पर ज़ोर दिया जा रहा है। मान सरकार का दावा है कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को कम किया जाएगा ताकि पीड़ित महिलाओं को तुरंत सहायता मिल सके। इसके लिए कई जिलों के कंट्रोल रूम और महिला सहायता डेस्क को अपग्रेड किया जा रहा है。
पंजाब सरकार ने शहरों और संवेदनशील क्षेत्रों में महिला पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। नई महिला पेट्रोलिंग टीमें स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में नियमित गश्त करेंगी। खासतौर पर रात के समय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि महिला पुलिसकर्मियों की सक्रिय मौजूदगी से महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा और अपराधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनेगा।
इसके अलावा पंजाब सरकार ”सेफ सिटी प्रोजेक्ट” के तहत कई शहरों में आधुनिक निगरानी प्रणाली विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है। मोहाली, अमृतसर, लुधियाना और जालंधर जैसे शहरों में सीसीटीवी कैमरों, स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी तकनीक का विस्तार किया जाएगा। मान सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है。
शिक्षण संस्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष योजना बनाई गई है। मान सरकार ने स्कूलों और कॉलेजों के आसपास एंटी-ईव टीजिंग अभियान चलाने और महिला सुरक्षा स्क्वॉड तैनात करने के निर्देश दिए हैं। छात्राओं को हेल्पलाइन नंबर और कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और पुलिस व्यवस्था को अधिक संवेदनशील तथा जवाबदेह बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देना सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए आधुनिक तकनीक तथा तेज पुलिस कार्रवाई दोनों पर समान रूप से काम किया जा रहा है।
भगवंत मान की अगुआई वाली पंजाब सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, उनका कहना है कि जमीनी स्तर पर पुलिस बल की संख्या बढ़ाने, ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और पीड़ित महिलाओं को कानूनी व मानसिक सहायता उपलब्ध कराने की भी आवश्यकता है।
पंजाब सरकार की इस पहल को महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि नई व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है तो राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर नियंत्रण और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा का माहौल मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
