देश के मौसम में इस समय बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार उत्तर भारत के कई हिस्सों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बड़े हिस्सों में घने बारिश वाले बादल नहीं बन पा रहे हैं। इसी कारण कई इलाकों में उमस बढ़ गई है और लोगों को तेज धूप व गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है।
पूर्वोत्तर भारत में लगातार बरसेंगे बादल
इसके विपरीत पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है।
कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान
मौसम विभाग का कहना है कि पूर्वी भारत, मध्य भारत और कुछ उत्तरी राज्यों में अगले 24 घंटों के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कई इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश की उम्मीद
दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल व्यापक बारिश की संभावना कम है, लेकिन आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन नमी अधिक रहने के कारण उमस से पूरी राहत मिलने की संभावना कम है।
मछुआरों और यात्रियों के लिए विशेष सावधानी
मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले राज्यों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करने को कहा गया है। वहीं समुद्र में तेज हवाओं और खराब मौसम की संभावना को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन को भी संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर राहत व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
