थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में एक पब में देर रात भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हादसे के समय पब में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका और कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में धुआं भर गया।
चिंगारी के बाद बिजली गुल, फिर हुआ धमाका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सबसे पहले मंच के पास बिजली के उपकरणों के आसपास चिंगारी दिखाई दी। इसके तुरंत बाद बिजली चली गई और कुछ ही क्षणों में जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद आग तेजी से फैल गई और पूरे पब को अपनी चपेट में ले लिया। घना धुआं फैलने से लोगों में भगदड़ मच गई और हर कोई बाहर निकलने की कोशिश करने लगा।
रेस्टरूम की ओर भागे लोग, वहीं फंस गए
बचाव दल के अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग धुएं से बचने के लिए पब के पीछे बने रेस्टरूम की ओर भागे, लेकिन वहां से बाहर निकलने का कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं था। दमकल कर्मियों को कई शव रेस्टरूम के अंदर और उसके आसपास मिले। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि अधिकांश लोगों की मौत आग से ज्यादा जहरीले धुएं के कारण हुई।
घायलों का अस्पतालों में इलाज जारी
हादसे में घायल लोगों को बैंकॉक के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार 63 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है। कुछ पीड़ितों की पहचान करने में भी कठिनाई आ रही है, क्योंकि कई लोग बिना पहचान पत्र के पब में पहुंचे थे। प्रशासन ने परिजनों की सहायता के लिए विशेष सहायता केंद्र भी बनाया है।
सुरक्षा मानकों की जांच शुरू
घटना के बाद थाईलैंड के प्रधानमंत्री और स्थानीय प्रशासन ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती जांच में पब के सुरक्षा इंतजाम, आपातकालीन निकास और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम सबूत जुटा रही है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
थाईलैंड में इससे पहले भी नाइट क्लब और पब में आग लगने की कई बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पिछले वर्षों में भी आग और सुरक्षा मानकों में लापरवाही के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। बैंकॉक की ताजा घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों पर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन निकास की तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
