आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के महासचिव और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने बेअदबी मामले को लेकर शिरोमणि अकाली दल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल ने वर्षों तक विभिन्न मुद्दों पर पंजाब की जनता को गुमराह किया। पन्नू ने कहा कि पार्टी अब खुद को निर्दोष दिखाने की कोशिश कर रही है, जबकि पुराने घटनाक्रम कुछ और तस्वीर पेश करते हैं।
बीबी परमजीत कौर खालड़ा का किया जिक्र
बलतेज पन्नू ने दावा किया कि अकाली दल की सरकार बनने के बाद बीबी परमजीत कौर खालड़ा के खिलाफ वर्ष 1998 और 2008 में मामले दर्ज किए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय खालड़ा कमेटी के सदस्यों पर भी कार्रवाई की गई और उन्हें परेशान किया गया। पन्नू ने कहा कि आज वही लोग न्याय और लोकतंत्र की बात कर रहे हैं।
बेअदबी मामले में फैसले का हवाला
AAP नेता ने कहा कि उन्होंने फरीदकोट अदालत के फैसले का हवाला देते हुए सुखबीर सिंह बादल के दावों पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अदालत के निर्णय से कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे अकाली दल के दावों की सच्चाई पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि बेअदबी जैसे संवेदनशील मामले पर राजनीति करने के बजाय तथ्यों को सामने रखना जरूरी है।
धर्म युद्ध मोर्चे पर भी उठाए सवाल
बलतेज पन्नू ने 19 जुलाई से शुरू किए जाने की घोषणा किए गए धर्म युद्ध मोर्चा को लेकर भी अकाली दल को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि जिस आंदोलन की इतनी चर्चा की जा रही थी, उसका जिक्र पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में क्यों नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इससे पार्टी के दावों और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर दिखाई देता है।
1996 से 2017 तक के दौर का उल्लेख
पन्नू ने आरोप लगाया कि वर्ष 1996 में ट्रुथ कमीशन बनाने का वादा किया गया, लेकिन बाद में ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि 2007 से 2017 के दौरान पंजाब में नशे की समस्या बढ़ी और एक पूरी पीढ़ी प्रभावित हुई। उनके अनुसार, इन सभी मुद्दों पर अकाली दल को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।
