पंजाब विधानसभा में पवित्र ग्रंथ बिल पर बोले AAP विधायक गज्जनमाजरा – यह ऐतिहासिक पल है, दोषियों को मिलनी चाहिए सख्त सज़ा
पंजाब विधानसभा में “पवित्र ग्रंथ बिल-2025” पेश किए जाने पर आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक जसवंत सिंह गज्जनमाजरा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह पंजाब के इतिहास का एक ऐतिहासिक पल है और हम सभी इसके गवाह बन रहे हैं।
विधायक गज्जनमाजरा ने बताया कि यह बिल श्री गुरु ग्रंथ साहिब, श्री भगवद गीता, कुरान शरीफ और बाइबल जैसे धर्मग्रंथों के सम्मान को बनाए रखने और उनकी बेअदबी रोकने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हुई हैं, जिनसे समाज में धार्मिक सहनशीलता और सामाजिक एकता को ठेस पहुंची है।
उन्होंने साफ कहा कि अगर कोई व्यक्ति धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी करता है, तो उसे कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
गज्जनमाजरा ने 1984 की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने श्री दरबार साहिब पर तोपों से हमला करवाया (ऑपरेशन ब्लू स्टार), जिसके बाद दो सिख युवकों ने प्रधानमंत्री की हत्या कर दी। इस घटना के बाद दिल्ली में दंगे हुए, जिनमें हिंदू और सिख दोनों समुदायों के लाखों लोग मारे गए।
उन्होंने कहा कि अगर उस समय दोषियों को सज़ा मिल गई होती, तो शायद 2015 में बेअदबी की घटनाएं न होतीं। गज्जनमाजरा ने भावुक होकर कहा कि यह बिल सिर्फ कानून नहीं, बल्कि धार्मिक सम्मान और एकता का प्रतीक है।
उन्होंने यह भी दोहराया कि पंजाब में धार्मिक सौहार्द बनाए रखना बेहद ज़रूरी है, और इस तरह के सख्त कानूनों से ही हम आने वाले समय में समाज को और मजबूत बना सकते हैं।
