आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के जनरल सेक्रेटरी और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने फिल्म ‘सतलुज’ को OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म एक मानवाधिकार कार्यकर्ता की कहानी पर आधारित है और किसी फिल्म पर रोक लगाकर सच्चाई को नहीं रोका जा सकता। पन्नू ने आरोप लगाया कि OTT से फिल्म हटाना मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों की आवाज को दबाने की कोशिश है।
विपक्षी दलों पर लगाए आरोप
बलतेज पन्नू ने कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा से जुड़े मामले में पारंपरिक राजनीतिक दलों को जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में पंजाब ने कठिन दौर देखा और बादल परिवार ने ‘ट्रुथ कमीशन’ बनाने का वादा कर सत्ता हासिल की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने खालड़ा के जीवन पर बनी फिल्म के जरिए सच्चाई को सामने आने से रोकने की कोशिश की।
अकाली दल पर भी साधा निशाना
AAP नेता ने अकाली दल पर भी निशाना साधते हुए दावा किया कि अकाली सरकार के दौरान कथित रूप से दोषी अधिकारियों को पदोन्नति और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं, जबकि बीबी खालड़ा की मांगों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर दिए गए बयानों से पुराने घटनाक्रम नहीं बदल सकते और इस पूरे मुद्दे पर सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
