आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने E20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार और वाहन निर्माता कंपनियों पर नए सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में करोड़ों वाहन मालिकों की चिंताओं के बावजूद E20 पेट्रोल को तेजी से लागू किया जा रहा है। केजरीवाल का दावा है कि इस मुद्दे पर उपभोक्ताओं को स्पष्ट जानकारी और सुरक्षा का भरोसा मिलना चाहिए।
ऑटो कंपनियों के दावों पर उठाए सवाल
केजरीवाल ने कहा कि 3 जुलाई को केंद्र सरकार ने छह प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें E20 पेट्रोल को सुरक्षित बताया गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ कंपनियों ने ऐसे दावे करने से इनकार किया, जबकि Maruti Suzuki, Toyota Kirloskar Motor और Hero MotoCorp ने कहा कि पुरानी गाड़ियों में भी E20 सुरक्षित है और इससे केवल 5 से 7 प्रतिशत तक माइलेज कम हो सकता है। दूसरी ओर, उद्योग का आधिकारिक पक्ष यह है कि व्यापक परीक्षणों में पुराने वाहनों में E20 से इंजन को नुकसान के प्रमाण नहीं मिले हैं और औसतन 3 से 3.5 प्रतिशत तक माइलेज घट सकता है।
ओनर मैनुअल का किया जिक्र
AAP प्रमुख ने दावा किया कि टोयोटा के कुछ वाहन मालिकों के मैनुअल में E10 (10 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण) तक के उपयोग का उल्लेख है और यदि प्रदर्शन या माइलेज प्रभावित हो तो कम एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के उपयोग की सलाह दी गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कंपनी के दस्तावेजों में ऐसी जानकारी है, तो सार्वजनिक मंच पर E20 को पूरी तरह सुरक्षित कैसे बताया जा रहा है। इस दावे पर संबंधित कंपनियों की ओर से अलग से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सरकार और कंपनियों से मांगा जवाब
केजरीवाल ने कहा कि वाहन मालिकों के हितों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से किसी वाहन का माइलेज घटता है या तकनीकी नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि इस मुद्दे पर वह वाहन निर्माता कंपनियों और केंद्र सरकार से लिखित जवाब मांगेंगे, ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं के अधिकारों को लेकर किसी तरह की अस्पष्टता न रहे।
