आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार और वाहन निर्माता कंपनियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों का माइलेज कम होता है या किसी तरह का तकनीकी नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। केजरीवाल ने कहा कि वाहन मालिकों को इस संबंध में स्पष्ट और लिखित आश्वासन मिलना चाहिए।
ऑटो कंपनियों को लिखेंगे पत्र
केजरीवाल ने कहा कि वह उन सभी ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र लिखेंगे, जिन्होंने E20 पेट्रोल को लेकर सरकार के पक्ष में बयान दिए हैं। उन्होंने मांग की कि कंपनियां लिखित रूप से यह गारंटी दें कि यदि E20 पेट्रोल के कारण वाहन का माइलेज 10 प्रतिशत से अधिक घटता है, तो उसकी भरपाई की जाएगी। साथ ही यदि वाहन का कोई भी पार्ट E20 के कारण खराब होता है, तो उसे कंपनी मुफ्त में बदलने की जिम्मेदारी ले।
प्रधानमंत्री को भी लिखेंगे चिट्ठी
AAP प्रमुख ने कहा कि वह जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखेंगे। उन्होंने कहा कि यदि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से किसी वाहन को नुकसान होता है, तो यह स्पष्ट किया जाए कि उसका मुआवजा केंद्र सरकार देगी या संबंधित वाहन निर्माता कंपनी। उनके अनुसार, नई ईंधन नीति लागू करने के साथ-साथ उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
दूसरे देशों का दिया उदाहरण
केजरीवाल ने दावा किया कि जापान को E20 लागू करने में 16 वर्ष लगे, थाईलैंड में 18 वर्ष बाद भी वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध है और ब्राज़ील ने इस दिशा में लगभग 50 वर्ष का समय लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में बहुत कम समय में बड़े पैमाने पर E20 लागू किया गया है, जिससे करोड़ों वाहन मालिकों की चिंताएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार और वाहन कंपनियों को लोगों के सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए। यह दावा केजरीवाल के राजनीतिक बयान का हिस्सा है।
