दीवाली से ठीक पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद सरकार ने कर्मचारियों, रियल एस्टेट प्रमोटर्स और आम जनता के लिए राहत भरे कदमों की घोषणा की।
ओएसडी (लिटिगेशन) का वेतन बढ़ा
कैबिनेट ने विभिन्न विभागों में कार्यरत ओएसडी (लिटिगेशन) को मिलने वाली निर्धारित रिटेनरशिप फीस बढ़ाने का फैसला किया है। वर्तमान में यह फीस ₹60,000 प्रति माह थी, जिसे बढ़ाकर अब ₹70,000 कर दिया गया है।
राज्य सरकार ने वर्ष 2020 में इस पद की फीस ₹50,000 से बढ़ाकर ₹60,000 की थी। इनकी कुल 13 अस्थायी नियुक्तियां विभिन्न विभागों में की गई हैं। सरकार का कहना है कि यह फैसला कानूनी कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
ग्रुप हाउसिंग स्कीम-2025 को मंजूरी
बैठक में कैबिनेट ने ग्रुप हाउसिंग स्कीम-2025 को मंजूरी देते हुए सहकारी समितियों को बहुमंजिला फ्लैटों के निर्माण के लिए जमीन आवंटित करने की नीति को स्वीकृति दी।
इस नीति का मकसद शहरी इलाकों में किफायती और योजनाबद्ध आवास उपलब्ध कराना है। सरकार का कहना है कि इससे पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहेगी, साथ ही शहरी विकास के लक्ष्यों के अनुरूप समय पर निर्माण कार्य पूरे किए जा सकेंगे।
मेगा हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए राहत
कैबिनेट ने मेगा हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए भी राहत देने का फैसला किया है। अब विकास प्राधिकरणों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले प्रोजेक्ट प्रमोटर, यदि चाहें तो अपने प्रोजेक्ट की समयसीमा 31 दिसंबर तक से आगे पांच साल तक बढ़ा सकेंगे।
इस विस्तार के लिए उन्हें ₹25,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष की फीस चुकानी होगी। हालांकि, यह बढ़ोतरी केवल एक बार ही दी जाएगी और इसके बाद आगे कोई समयवृद्धि नहीं मिलेगी।
मंडी गोबिंदगढ़ और खन्ना में पर्यावरण कदम
कैबिनेट ने मंडी गोबिंदगढ़ और खन्ना क्षेत्र की रोलिंग मिलों में कोयले से पीएनजी (प्राकृतिक गैस) में परिवर्तन के लिए कैबिनेट सब-कमेटी के गठन को भी बाद में औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस कदम से औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण को लाभ होगा।
टेलीकम्युनिकेशन राइट ऑफ वे रूल्स-2024 लागू
बैठक में राज्य में टेलीकम्युनिकेशन (राइट ऑफ वे) रूल्स-2024 को लागू करने की भी मंजूरी दी गई। इससे दूरसंचार क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का विकास तेजी से होगा और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।
दीवाली से पहले पंजाब सरकार के ये फैसले न केवल कर्मचारियों और उद्योगों के लिए राहत लाने वाले हैं, बल्कि राज्य के आर्थिक और सामाजिक ढांचे को भी मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं।
