भाखड़ा डैम में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को यह 1674.01 फीट तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान से सिर्फ 6 फीट कम है। पानी के बढ़ते स्तर ने पंजाब के मालवा इलाके में बाढ़ का खतरा और गहरा कर दिया है।
फ्लड गेट खोले गए, ज्यादा पानी छोड़ा गया
पानी के दबाव को देखते हुए भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) ने सोमवार को फ्लड गेट 4 फीट तक खोल दिए। इसके बाद सतलुज नदी में करीब 56 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाने लगा। आम दिनों में जहां 36 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है, वहीं अब लगभग 20 हजार क्यूसेक ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है।
कई जिलों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
डैम से छोड़े गए पानी का सीधा असर पंजाब के कई जिलों पर पड़ रहा है। रोपड़, नवांशहर, मोहाली, पटियाला, संगरूर, मानसा, फतेहगढ़ साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और लुधियाना जैसे जिलों के सैकड़ों गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
नदियों और नहरों पर हाई अलर्ट
सतलुज नदी के अलावा घग्गर, टांगरी और मार्कंडा नदियों के किनारों पर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। भाखड़ा से निकलने वाली सहायक नहरों के आस-पास के इलाके भी खतरे की जद में बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने इन सभी क्षेत्रों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
लोग समेट रहे अपना सामान
बाढ़ की आशंका के चलते प्रभावित इलाकों के लोग सतर्क हो गए हैं। कई गांवों में ग्रामीण अपने कीमती सामान और जरूरी चीजें सुरक्षित जगहों पर रखने लगे हैं। प्रशासन की टीमें भी लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दे रही हैं।
प्रशासन की अपील
जिन इलाकों में पानी बढ़ने का खतरा ज्यादा है, वहां जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरुरत पड़ने पर तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू किया जाएगा।
