पंजाब सरकार ने मानसून से पहले शहरों और कस्बों में सीवरेज ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए राज्यव्यापी विशेष अभियान शुरू किया है। स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बुधवार को इस अभियान की घोषणा करते हुए बताया कि पूरे पंजाब में 2200 किलोमीटर लंबी सीवर लाइनों की सफाई की जाएगी। इसके साथ ही 1400 ऐसे स्थानों की पहचान की गई है जहां हर साल बारिश के दौरान सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या सामने आती है।
सरकार का लक्ष्य है कि इस बार बारिश के मौसम में लोगों को गंदे पानी, सीवर बैक-फ्लो और जलभराव जैसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
मुख्य और शाखा सीवर लाइनों पर विशेष ध्यान
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि अभियान के तहत 800 किलोमीटर मुख्य ट्रंक सीवर लाइन और 1400 किलोमीटर मोहल्लों के अंदर की शाखा सीवर लाइनों की सफाई की जाएगी। विभाग ने उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है जहां हर वर्ष बारिश के दौरान सबसे अधिक शिकायतें प्राप्त होती हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने स्पष्ट लक्ष्य तय किया है कि पंजाब के किसी भी शहर या कस्बे में सीवरेज ओवरफ्लो नहीं होना चाहिए।
कई प्रमुख शहर अभियान में शामिल
राज्य के लगभग सभी प्रमुख शहरों में यह अभियान चलाया जाएगा। जालंधर में 108 किलोमीटर सीवर लाइन और 47 संवेदनशील स्थानों की सफाई होगी। पटियाला में 93 किलोमीटर सीवर लाइन को साफ किया जाएगा। लुधियाना में 40 किलोमीटर लाइन और 42 हॉटस्पॉट, जबकि बठिंडा में 55 किलोमीटर लाइन और 39 हॉटस्पॉट को अभियान में शामिल किया गया है।
इसके अलावा मोहाली में 36 किलोमीटर, जीरकपुर में 14 किलोमीटर और 15 हॉटस्पॉट, खरड़ में 11 किलोमीटर और 11 हॉटस्पॉट, धूरी में 7 किलोमीटर और 3 हॉटस्पॉट की सफाई की जाएगी। कोटकपूरा में 21 किलोमीटर और नंगल में 7 किलोमीटर सीवर लाइन की सफाई पहली बार बड़े स्तर पर की जा रही है।
आधुनिक मशीनों और तकनीक का इस्तेमाल
अभियान को सफल बनाने के लिए विभाग के जूनियर इंजीनियरों और अन्य कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। सफाई कार्य में सुपर-सक्शन मशीनों और उच्च क्षमता वाले जेटिंग उपकरणों का उपयोग किया जाएगा।
सरकार ने निगरानी के लिए अलग कंट्रोल रूम और डिजिटल डैशबोर्ड भी तैयार किए हैं, जिससे हर क्षेत्र की जानकारी वास्तविक समय में उपलब्ध रहेगी। अधिकारियों के कार्य की निगरानी प्रतिदिन की जाएगी और जवाबदेही जूनियर इंजीनियर से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक तय की गई है।
छह साल पुरानी समस्या का हुआ खुलासा
मंत्री बैंस ने लुधियाना के भट्टियां क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां एक घर के निर्माण के दौरान सीवर लाइन के भीतर कंक्रीट डाल दी गई थी। इसके कारण वह लाइन पिछले छह वर्षों से बंद पड़ी थी और पूरे इलाके के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी।
जांच के दौरान यह समस्या सामने आई और अब इसे दूर किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि इस तरह की लापरवाही को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की होगी सीधी निगरानी
सरकार ने इस अभियान को मिशन मोड में पूरा करने का फैसला किया है। मंत्री ने बताया कि वह स्वयं विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेंगे और सभी अधिकारियों को भी मैदान में रहकर काम की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही विधायकों और नगर परिषद प्रतिनिधियों को भी अभियान में शामिल किया जा रहा है ताकि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा सके।
