पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बठिंडा में राज्य की पहली बायो-फर्टिलाइज़र क्वालिटी कंट्रोल प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। इसके साथ ही डबवाली रोड स्थित कृषि भवन में नई सीड टेस्टिंग लैब का शिलान्यास भी किया गया। सरकार का उद्देश्य कृषि उत्पादों की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और किसानों को विश्वसनीय जांच सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
बायो-फर्टिलाइज़र की गुणवत्ता पर रहेगी कड़ी निगरानी
करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई इस अत्याधुनिक बायो-फर्टिलाइज़र लैब में हर साल कम से कम 1,000 नमूनों की जांच की जा सकेगी। कृषि मंत्री ने बताया कि पंजाब के किसान अब धीरे-धीरे रासायनिक उर्वरकों की जगह जैविक उर्वरकों का अधिक उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में बाजार में बिक रहे बायो-फर्टिलाइज़र की गुणवत्ता की जांच बेहद जरूरी हो गई है। यह प्रयोगशाला किसानों तक गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद उत्पाद पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नई सीड टेस्टिंग लैब से किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सीड टेस्टिंग लैब में वैज्ञानिक तरीके से बीजों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इससे किसानों को प्रमाणित और अच्छी गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार यह प्रयोगशाला नकली और घटिया बीजों की पहचान करने के साथ-साथ कृषि आदानों पर गुणवत्ता मानकों को और मजबूत बनाएगी।
अब पंजाब में ही होगी पूरी जांच प्रक्रिया
कृषि मंत्री ने कहा कि इन दोनों प्रयोगशालाओं के शुरू होने से किसानों को जांच के लिए नमूने दूसरे राज्यों में भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब पूरी परीक्षण प्रक्रिया पंजाब में ही पूरी होगी। इससे किसानों का समय भी बचेगा और अतिरिक्त खर्च भी कम होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, उर्वरक और अन्य कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।
विभाग की तकनीकी क्षमता होगी और मजबूत
कृषि निदेशक डॉ. गुरजीत सिंह बराड़ ने बताया कि दोनों प्रयोगशालाएं विभाग की तकनीकी क्षमता को नई मजबूती देंगी। राज्य में ही जांच सुविधा उपलब्ध होने से रिपोर्ट समय पर मिलेगी और किसानों को बुवाई से पहले सही निर्णय लेने में आसानी होगी। इस अवसर पर विधायक जगरूप सिंह गिल, मास्टर जगसीर सिंह, संयुक्त निदेशक (प्लांट प्रोटेक्शन) नरिंदर पाल सिंह बेनीपाल सहित कृषि विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
