पंजाब में ई-चालान सिस्टम लागू होने के बाद से ट्रैफिक नियमों को लेकर सख्ती साफ नजर आ रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में पेश की गई रिपोर्ट में बताया कि साल 2024 में प्रदेश के 3.98 लाख वाहन चालकों पर ई-चालान जारी किए गए। इन चालानों की कुल राशि करीब 83 करोड़ रुपये रही। यह संख्या पिछले साल के मुकाबले लगभग चार गुना ज्यादा है।
रिपोर्ट के मुताबिक 2023 में जहां केवल 72,191 चालान काटे गए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 3,97,839 तक पहुंच गई। यानी हर दो मिनट में “तीसरी आंख” यानी ट्रैफिक कैमरे किसी न किसी नियम तोड़ने वाले का चालान काट रहे हैं।
कितने चालान भरे गए, कितने पेंडिंग?
83 करोड़ रुपये के चालानों में से 52.26 करोड़ रुपये वाहन चालकों ने जमा करा दिए हैं।
हालांकि अभी भी करीब 30.94 करोड़ रुपये के चालान पेंडिंग हैं, जिन्हें अभी तक जमा नहीं कराया गया है। ट्रैफिक विभाग जल्द ही इन बकाया चालानों पर भी कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
मोहाली, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर सबसे आगे
पंजाब के बड़े शहरों — मोहाली, लुधियाना, अमृतसर और जालंधर — में ई-चालान सिस्टम पूरी तरह लागू किया गया है। इसी कारण इन जिलों में चालानों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
मोहाली में अकेले 400 हाई-टेक कैमरे लगाए गए हैं, जो रीयल-टाइम में नियम तोड़ने वालों की पहचान कर ई-चालान जारी कर रहे हैं।
इसके बावजूद कई वाहन चालक अब भी ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे चालानों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
6800 वाहनों पर बड़ी कार्रवाई
ट्रैफिक विभाग ने हाल ही में उन वाहनों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए हैं, जिनके चालक चालान भरने में लापरवाही दिखा रहे थे।
विभाग ने ऐसे 6800 वाहनों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इन वाहनों की जानकारी “वाहन पोर्टल” पर भी अपडेट कर दी गई है।
ब्लैकलिस्ट होने के बाद इन वाहनों से संबंधित कई सरकारी सेवाएं रुक जाती हैं, जैसे वाहन ट्रांसफर, फिटनेस रिन्यूअल, परमिट आदि।
सख्ती का मकसद: सुरक्षित सड़कें
ई-चालान सिस्टम का मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करना और सड़क हादसों में कमी लाना है।
सरकार का कहना है कि आधुनिक कैमरा नेटवर्क और ऑनलाइन पेनल्टी प्रक्रिया से बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के पारदर्शी तरीके से कार्रवाई की जा रही है।
