पंजाब में नशा और हथियार तस्करी को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में आज ‘आप’ सरकार ने बड़ा कदम उठाया। मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने तरनतारन में राज्य का पहला हाई-टेक एंटी-ड्रोन सिस्टम लॉन्च किया। इसके साथ ही पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसके पास खुद का सरकारी एंटी-ड्रोन सिस्टम है। अब अगर कोई ड्रोन पाकिस्तान से आएगा, तो उसे तुरंत मार गिराया जाएगा, जिससे नशे की खेप पंजाब में दाखिल नहीं हो पाएगी।
कुल 9 सिस्टम, 3 आज से चालू
सरकार ने कुल 9 एंटी-ड्रोन सिस्टम ऑर्डर किए हैं, जिनमें से 3 आज से सीमावर्ती जिलों में काम करने लगे हैं। बाकी 6 जल्द ही तैनात होंगे। जरूरत पड़ने पर और सिस्टम खरीदे जाएंगे। पुलिस कर्मियों को इन सिस्टम को चलाने और मैदानी स्तर पर इनके इस्तेमाल की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि इसका असर तुरंत और प्रभावी हो।
51 करोड़ की लागत, तकनीकी खूबियां लाजवाब
इन 9 सिस्टम की खरीद पर 51.41 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। ये सिस्टम न केवल ड्रोन को ट्रैक करते हैं, बल्कि उसके कंट्रोल स्टेशन की सटीक लोकेशन भी बताते हैं। खास बात यह है कि ये रियल-टाइम डिजिटल मैप पर अलर्ट और खतरे की ऑटोमैटिक चेतावनी जारी कर सकते हैं।
तस्करी के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाई
पंजाब पुलिस ने 2022 से 15 जुलाई 2025 तक 591 ड्रोन बरामद किए, जिनसे 932 किलो हेरोइन, 263 पिस्तौल, 14 एके-47 राइफलें, 66 हैंड ग्रेनेड और 15 किलो आरडीएक्स बरामद हुआ। इस दौरान 22 हजार से ज्यादा तस्करों को गिरफ्तार भी किया गया।
ग्रामीण निगरानी नेटवर्क भी हुआ मजबूत
सीमावर्ती सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए 596 गांवों में स्थानीय लोगों, रिटायर्ड सैनिकों और पुलिसकर्मियों को जोड़कर निगरानी नेटवर्क बनाया गया है। डिजिटल मैपिंग, बीट बुक रिकॉर्ड और व्हाट्सऐप पर तेज सूचना आदान-प्रदान से यह सिस्टम और प्रभावी हो गया है।
बीएसएफ के साथ तालमेल, मिशन ‘क्लीन पंजाब’ को मजबूती
बीएसएफ के साथ मिलकर पंजाब पुलिस आधुनिक तकनीक, फॉरेंसिक जांच और कम्युनिकेशन एनालिसिस से हर ड्रोन की गतिविधि पर नज़र रख रही है। सरकार का मानना है कि यह तकनीक तस्करी नेटवर्क के लिए ‘गेम-चेंजर’ साबित होगी और पंजाब को नशे के खिलाफ लड़ाई में जीत दिलाएगी।
