पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज तरनतारन में राज्य का पहला एंटी-ड्रोन सिस्टम लॉन्च किया। इसके साथ ही पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने सरकारी स्तर पर ड्रोन के जरिए हो रही नशे और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाई है।
बीएसएफ के सहयोग से सीमावर्ती जिलों में निगरानी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि पंजाब सरकार अपने खर्च पर यह तकनीक लागू कर रही है। बीएसएफ के सहयोग से पठानकोट से लेकर फाजिल्का तक, जहां भी ड्रोन गतिविधियां होती हैं, वहां यह सिस्टम 24 घंटे निगरानी रखेगा। जैसे ही किसी इलाके में ड्रोन की हलचल दिखाई देगी, यह सिस्टम उसे अपनी रेंज में लेकर वहीं जाम कर देगा।
नशा और हथियार तस्करी पर लगेगी लगाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन के जरिए लगातार हेरोइन और हथियारों की तस्करी की जा रही थी, जिसे रोकने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया कि अब अगर कोई तस्करी का सामान लेने आएगा, तो उस पर भी नज़र रखी जाएगी और तुरंत गिरफ्तार किया जा सकेगा। पंजाब सरकार ने 9 एंटी-ड्रोन सिस्टम खरीदे हैं और सीमावर्ती जिलों के 50 पुलिस कर्मियों को इसकी विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
पुलिस को मिलेगी तकनीकी ‘तेज़ नज़र’
भगवंत मान ने कहा कि इस तकनीक के आने से पंजाब पुलिस को एक नई ‘तकनीकी आंख’ मिल जाएगी, जो सीमावर्ती इलाकों में नशा और हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ा वार करेगी। आने वाले दिनों में इस सिस्टम की गतिविधि और बढ़ाई जाएगी, ताकि नशों के खिलाफ लड़ाई में यह अहम भूमिका निभा सके।
जनता की सुरक्षा और अमन-शांति की गारंटी
मुख्यमंत्री ने इसे केवल तकनीक नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों की जान और शांति की सुरक्षा के लिए उठाया गया बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी में पहले ही बड़ी कमी आई है और छात्रों को इससे दूर रखने के लिए स्कूल पाठ्यक्रम में नशा-रोधी अध्याय जोड़ा गया है।
तस्करों को चेतावनी, पीड़ितों को राहत
मान ने साफ चेतावनी दी कि जो लोग पंजाब की युवाओं को नशे में धकेलते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है, जबकि जो लोग इस लत में फंसे हैं, उनका इलाज करवाया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस सिस्टम से पंजाब पुलिस और मज़बूत होगी और ‘रंगला पंजाब’ बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम होगा।
