पंजाब सरकार ने राज्य में सिंचाई व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि इस साल के अंत तक राज्य में 7,000 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी, ताकि नहर का पानी हर खेत तक पहुंच सके। सरकार का कहना है कि इस परियोजना का उद्देश्य किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना और भूजल पर निर्भरता कम करना है।
चार वर्षों में बिछ चुकी हैं 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों के दौरान राज्य में लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन और वाटरकोर्स तैयार किए जा चुके हैं। इन माध्यमों से बड़ी संख्या में किसानों तक सिंचाई का पानी पहुंच रहा है। सरकार का दावा है कि वर्तमान में पंजाब की करीब 80 प्रतिशत कृषि भूमि तक नहर का पानी पहुंचाया जा रहा है, जिससे खेती को काफी राहत मिली है।
भूजल बचाने पर सरकार का विशेष जोर
पंजाब लंबे समय से गिरते भूजल स्तर की चुनौती का सामना कर रहा है। इसी को देखते हुए सरकार ने नहर आधारित सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री के अनुसार नहरों और नदियों के किनारे जल रिचार्ज प्वाइंट भी विकसित किए जा रहे हैं। इससे कई इलाकों में भूजल स्तर में दो से चार मीटर तक सुधार दर्ज होने का दावा किया गया है। इस पहल का उद्देश्य भविष्य में पानी की उपलब्धता को सुरक्षित बनाना है।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार का मानना है कि हर खेत तक नहर का पानी पहुंचने से किसानों की सिंचाई लागत कम होगी और ट्यूबवेल पर निर्भरता घटेगी। पर्याप्त पानी मिलने से धान के साथ-साथ मक्का, कपास, बागवानी और अन्य फसलों की खेती को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे खेती अधिक टिकाऊ और जल संरक्षण के अनुकूल बन सकेगी।
लोक मिलनी कार्यक्रम में की गई घोषणा
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह घोषणा मोगा जिले में आयोजित एक लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के प्रत्येक किसान तक सिंचाई की बेहतर सुविधा पहुंचाना है। इस योजना के पूरा होने के बाद पंजाब के दूर-दराज़ क्षेत्रों के किसानों को भी नहर के पानी का लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार का कहना है कि सिंचाई नेटवर्क का विस्तार कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
