पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना का लाभ राज्य की बड़ी संख्या में महिलाओं तक पहुंच रहा है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे आर्थिक सहायता भेजी जा रही है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उनके दैनिक खर्चों में सहयोग देना है। योजना के तहत 18 वर्ष और उससे अधिक आयु की पात्र महिलाओं को लाभ दिया जा रहा है, जिससे युवतियों से लेकर बुजुर्ग महिलाओं तक बड़ी संख्या में लोग जुड़ रहे हैं।
हर आयु वर्ग की महिलाओं की बढ़ी भागीदारी
योजना के आंकड़ों के अनुसार, 18 से 30 वर्ष की युवतियों के साथ-साथ 31 से 45 वर्ष और 46 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में इसका लाभ प्राप्त किया है। इससे स्पष्ट होता है कि यह योजना किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग आयु समूह की महिलाओं के लिए आर्थिक सहयोग का माध्यम बन रही है। कई परिवारों में एक से अधिक पात्र महिलाओं को भी योजना का लाभ मिल रहा है।
राशि का उपयोग जरूरतों को पूरा करने में
लाभार्थी महिलाओं ने बताया कि योजना से मिली राशि का उपयोग वे अपनी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में कर रही हैं। किसी ने इससे बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाया, तो किसी ने स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें पूरी कीं। कई महिलाओं ने घर के छोटे-मोटे खर्च और जरूरी सामान खरीदने में इस सहायता का उपयोग किया। इससे परिवार के आर्थिक बोझ को कम करने में भी मदद मिली है।
सीधे बैंक खाते में पहुंच रही सहायता
योजना के तहत आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। इससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी बनी है और महिलाओं को बिना किसी मध्यस्थ के राशि मिल रही है। सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की सहायता दी जा रही है। पहली किस्त तीन महीने की एक साथ जारी की गई थी।
महिलाओं के बीच बढ़ा योजना का भरोसा
योजना लागू होने के बाद राज्य के विभिन्न जिलों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। कई जिलों में बड़ी संख्या में लाभार्थियों के नाम दर्ज किए गए हैं। महिलाओं का कहना है कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सुविधा मिल रही है और वे अपने छोटे-छोटे खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहतीं।
