दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर नया हेल्थ बुलेटिन जारी किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन लगातार निगरानी की जरूरत बनी हुई है। लंबे समय से चल रहे अनशन का असर अब उनके शरीर पर साफ दिखाई दे रहा है, इसलिए मेडिकल टीम हर महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतक पर नजर रख रही है।
ब्लड शुगर और पोटैशियम का स्तर चिंता का कारण
अस्पताल की ओर से बताया गया है कि सोनम वांगचुक का ब्लड शुगर सामान्य से कम बना हुआ है। इसके साथ ही शरीर में पोटैशियम का स्तर भी घटकर लगभग 3.2 mEq/L तक पहुंच गया है। डॉक्टरों का कहना है कि पोटैशियम की कमी से मांसपेशियों और हृदय की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा उनके रक्त परीक्षण में लाल रक्त कोशिकाओं, सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स की संख्या भी कम पाई गई है, जिससे चिकित्सकों की चिंता बढ़ गई है।
इलाज की सलाह, लेकिन आईवी फ्लूइड लेने से इनकार
डॉक्टरों ने सोनम वांगचुक को आईवी फ्लूइड, ग्लूकोज और अन्य जरूरी चिकित्सीय सहायता लेने की सलाह दी है। हालांकि, अस्पताल के अनुसार उन्होंने अभी भी नसों के जरिए दिए जाने वाले उपचार को स्वीकार नहीं किया है। मेडिकल टीम लगातार उन्हें इलाज लेने के लिए समझा रही है ताकि शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखा जा सके।
डॉक्टरों की निगरानी में जारी उपचार
सफदरजंग अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सक लगातार उनकी जांच कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल उनकी जीवन रक्षक गतिविधियां स्थिर हैं, लेकिन लंबे अनशन के कारण शरीर काफी कमजोर हो चुका है। इसी वजह से उन्हें अस्पताल में रखकर नियमित जांच, रक्त परीक्षण और स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
अनशन के बीच स्वास्थ्य बना सबसे बड़ा मुद्दा
सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर देशभर में चर्चा जारी है। समर्थक लगातार उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं, जबकि डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक भोजन न लेने से शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं। अस्पताल ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल टीम हर पल उनकी स्थिति पर नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
