चंडीगढ़ ने स्वच्छ हवा सर्वेक्षण 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में 8वां स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि इसलिए और खास है क्योंकि पिछले साल शहर को 27वें स्थान पर रखा गया था। लगातार प्रयासों और नई नीतियों के चलते प्रशासन ने सिर्फ एक साल में बड़ा सुधार दिखाया।
राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत मूल्यांकन
यह सर्वेक्षण पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम (NCAP) के तहत किया जाता है। इसमें शहरों का मूल्यांकन वायु गुणवत्ता में सुधार और लगातार किए जा रहे प्रयासों के आधार पर किया जाता है।
मिलकर किया काम, मिला बेहतर नतीजा
निगम निगम, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, राज्य परिवहन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण समिति ने मिलकर कई योजनाएं लागू कीं। इन सामूहिक प्रयासों का ही नतीजा है कि शहर की हवा पहले से कहीं ज्यादा स्वच्छ हुई और चंडीगढ़ ने देशभर में टॉप-10 में जगह बनाई।
अधिकारी बोले- यह नागरिकों की जीत
चंडीगढ़ के पर्यावरण निदेशक और सदस्य सचिव सौरभ कुमार ने कहा कि यह उपलब्धि प्रशासन के साथ-साथ चंडीगढ़ की जनता की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। नीतियों से लेकर ज़मीनी स्तर पर नागरिकों की भागीदारी तक, सबने मिलकर बेहतर रैंक संभव बनाया है।
ऐसे बदली शहर की हवा
शहर की रैंकिंग सुधारने में कई कदम अहम साबित हुए।
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शहरी वनों और पौधारोपण अभियानों से हरित क्षेत्र का विस्तार।
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निर्माण स्थलों पर धूल कम करने के लिए सख्त नियम लागू।
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सार्वजनिक परिवहन में ई-वाहनों की शुरुआत और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार।
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घरेलू कचरे और ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक निपटारा।
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साइकिल ट्रैक्स और पैदल रास्तों जैसी गैर-मशीनीकृत परिवहन सुविधाओं का विकास।
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निर्माण और ध्वस्तीकरण के मलबे का सही प्रबंधन।
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भीड़ और वाहनों के धुएं को कम करने के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू।
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सड़कों पर धूल कम करने के लिए मशीन से सफाई और पानी का छिड़काव।
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जन-जागरूकता अभियान, जिससे लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव आया।
मुख्य मानदंडों पर खरा उतरा चंडीगढ़
इस सर्वेक्षण में शहरों का आकलन कई मानदंडों पर किया गया—जैसे ठोस कचरा प्रबंधन, सड़क धूल नियंत्रण, निर्माण और ध्वस्तीकरण अपशिष्ट का प्रबंधन, वाहनों और उद्योगों से निकलने वाले धुएं की निगरानी, अन्य स्रोतों से होने वाले उत्सर्जन का नियंत्रण और नागरिक जागरूकता। इन सभी पहलुओं में चंडीगढ़ ने बेहतर प्रदर्शन किया।
स्वस्थ और हरित शहर की ओर कदम
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सफलता चंडीगढ़ को न सिर्फ स्वच्छ हवा बल्कि एक स्वस्थ और हरित शहर बनाने की दिशा में अहम पड़ाव है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि यह प्रयास आगे भी जारी रहेंगे और शहर की वायु गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए नई योजनाएं समय-समय पर लागू होंगी।
