पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान बुधवार को अपनी पत्नी गुरप्रीत कौर के साथ धूरी में आयोजित राज्य स्तरीय ‘तीयां दा मेला’ कार्यक्रम में शामिल हुए। बड़ी संख्या में महिलाओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और पंजाबी संस्कृति से जुड़े इस त्योहार की खुशियां साझा कीं। मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं को तीयां की शुभकामनाएं दीं।
मावां-धियां सतकार योजना का किया जिक्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मावां-धियां सतकार योजना’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब तक 75 लाख माताओं और बहनों के खातों में 3,000 से 4,500 रुपये की सम्मान राशि पहुंचाई जा चुकी है। उन्होंने इसे बहनों के लिए राखी के मौके पर सरकार का तोहफा बताया।
महिलाओं ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने सम्मान राशि मिलने पर मुख्यमंत्री भगवंत मान का धन्यवाद किया। मान ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि किसी मां या बहन की आंखों में आंसू न आएं और किसी परिवार का चूल्हा खाली न रहे। उन्होंने कहा कि उन्हें लोगों की सेवा करने का अवसर मिला है और वह इसे अपनी जिम्मेदारी मानते हैं।
‘पंजाब की बेटियां शेरनियां बनें’
‘मेले तीयां दा’ के मंच से मुख्यमंत्री ने पंजाब की बेटियों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि पंजाब की बेटियां कमजोर या दूसरों पर निर्भर रहने वाली नहीं, बल्कि शेरनियों की तरह मजबूत बनें।
महिला अधिकारियों का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने महिलाओं की प्रशासनिक क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने संगरूर में महिला SSP और DC का जिक्र करते हुए महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। मान ने बताया कि पंजाब के 9 जिलों में महिला DC और 8 जिलों में महिला SSP तैनात हैं। उन्होंने इसे राज्य के लिए गर्व की बात बताया।
सामाजिक एकता का संदेश
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पंजाब की उस परंपरा का भी जिक्र किया, जिसके लिए राज्य सामाजिक मेल-जोल और भाईचारे के लिए जाना जाता है। उन्होंने तीयां जैसे सांस्कृतिक आयोजनों को लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने वाला अवसर बताया और कार्यक्रम के आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन तथा ‘आप’ टीम की सराहना की।
