पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में शुरू की गई अनोखी पहल ‘सीएम दी योगशाला’ आज राज्यभर में एक सफल स्वास्थ्य आंदोलन बन चुकी है। इस योजना ने न केवल लोगों को योग की ओर प्रेरित किया है, बल्कि पंजाब के हर शहर और गाँव में स्वस्थ जीवनशैली का संदेश भी पहुँचाया है।
भगवंत मान का विज़न: नशामुक्त और फिट पंजाब
मुख्यमंत्री भगवंत मान की सोच थी कि पंजाब को नशे की लत से आज़ाद कर स्वस्थ बनाया जाए। इसी उद्देश्य के साथ अप्रैल 2023 में इस योजना की शुरुआत की गई थी। शुरुआत में केवल 4 बड़े शहरों में 500 योग कक्षाओं से शुरू हुई यह पहल अब पंजाब के 23 जिलों और 146 ब्लॉकों तक पहुँच चुकी है। आज लगभग 2 लाख लोग रोज़ाना इन योगशालाओं का हिस्सा बन रहे हैं।

हर मोहल्ले और गाँव में मुफ्त योग कक्षाएँ
सरकार की ओर से अब तक 4,581 से अधिक योग कक्षाएँ रोज़ सुबह और शाम आयोजित की जा रही हैं। ये सभी कक्षाएँ पूरी तरह मुफ़्त हैं। कोई भी नागरिक अपने मोहल्ले या गाँव में समूह बनाकर सरकार से प्रशिक्षित योग शिक्षक की मांग कर सकता है। सरकार तुरंत ट्रेनर नियुक्त करती है, जो पार्क, सामुदायिक भवन या अन्य खुले स्थानों पर योग सिखाते हैं। यह पहल सच में “स्वास्थ्य सेवा आपके द्वार” का बेहतरीन उदाहरण बन चुकी है।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
योगशाला योजना ने केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि रोजगार का भी रास्ता खोला है। पंजाब सरकार ने अब तक 2,600 से ज़्यादा प्रमाणित योग प्रशिक्षकों को नियुक्त किया है। इससे राज्य के युवाओं को सम्मानजनक रोजगार मिला है और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा भी मिली है।

लोगों की सेहत में दिख रहा असली बदलाव
योगशाला की सबसे बड़ी सफलता लोगों के अनुभवों में दिखाई दे रही है। हजारों लोगों ने बताया कि नियमित योग करने से उन्हें पीठ दर्द, घुटनों के दर्द, शुगर, हाई ब्लड प्रेशर और तनाव जैसी समस्याओं में राहत मिली है। कई बुज़ुर्ग और महिलाएं कहती हैं कि अब वे दवाइयों पर कम निर्भर हैं और खुद को पहले से ज्यादा स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस करती हैं।
गाँवों में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को मिला सशक्तिकरण
ग्रामीण इलाकों में ‘सीएम दी योगशाला’ ने महिलाओं और बुज़ुर्गों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। घर के पास ही योग क्लास मिलने से अब हर उम्र के लोग इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। यह पहल पंजाब सरकार के “नशामुक्त पंजाब” मिशन से भी जुड़ी है, जो युवाओं को नशे से दूर रखकर सकारात्मक जीवन की राह दिखा रही है।
एक जन आंदोलन बन चुका है ‘सीएम दी योगशाला’
‘सीएम दी योगशाला’ ने साबित किया है कि जब सरकार जनता के हित में सच्चे इरादे से काम करती है, तो योजनाएँ वाकई जनजीवन को बदल सकती हैं। यह पहल सिर्फ़ एक स्वास्थ्य अभियान नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन बन चुकी है, जो पंजाब को सेहत, रोजगार और खुशहाली की दिशा में आगे ले जा रही है।
