NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच शुक्रवार को केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। नई दिल्ली में हुई इस बातचीत में केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने सरकार का पक्ष रखा, जबकि CJP की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका शामिल हुए। बैठक को आंदोलन के भविष्य के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
दो प्रमुख मांगों पर सरकार की सहमति
बैठक के बाद CJP ने दावा किया कि सरकार ने उनकी दो महत्वपूर्ण मांगों को स्वीकार कर लिया है। इनमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और आंदोलन के दौरान घायल हुए छात्रों को मुआवजा देने पर सहमति बनी है। इन दोनों मुद्दों पर सकारात्मक रुख के बाद बातचीत को आगे बढ़ाने का रास्ता खुला है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर फैसला बाकी
हालांकि आंदोलन की सबसे बड़ी मांग, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। CJP ने बताया कि सरकार ने इस मांग पर विचार करने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है। संगठन का कहना है कि जब तक इस मुद्दे पर स्पष्ट फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
शिक्षा सुधार पर भी हुई चर्चा
बैठक में केवल इस्तीफे का मुद्दा ही नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। CJP ने पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कानून और जवाबदेही तय करने जैसे कई सुझाव सरकार के सामने रखे। सरकार ने इन प्रस्तावों पर आगे विचार करने का भरोसा दिया है।
पीएम मोदी कर चुके हैं बड़े ऐलान
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना और कानून को और मजबूत बनाने की घोषणा की थी। सरकार का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया तेज की जाएगी।
आगे की बातचीत पर टिकी नजर
बैठक के बाद दोनों पक्षों ने बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है। अब सभी की नजर सरकार के अगले फैसले पर है, खासकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर। CJP ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा और सरकार के अंतिम रुख के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।
